फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र स्थित गार्ड लॉबी के पास लोको पायलट जीके गौतम की हत्या मामले में फरार चल रहे आरोपियों ने मंगलवार को करीब 16 दिन पर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया. पुलिस दबाव और लगातार हो रही छापेमारी के बीच बागबेड़ा रोड नंबर पांच निवासी राजकिशोर सिंह और उसके बेटे अंकित सिंह ने जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय में सरेंडर किया.

दोनों आरोपियों को अधिवक्ता आनंद झा ने न्यायिक दंडाधिकारी अर्चना मिश्रा की अदालत में प्रस्तुत किया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया. पुलिस अब दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है, ताकि हत्या के पीछे की वजह और घटना में शामिल अन्य पहलुओं का खुलासा हो सके. सूत्र बताते हैं कि यह हत्या बागबेड़ा में जमीन के पीछे लेनदेन के कारण हुई है, जो जांच का विषय है.

गौरतलब है कि 26 अप्रैल की देर रात लोको पायलट जीके गौतम कांड्रा से मालगाड़ी लेकर टाटानगर स्टेशन पहुंचे थे. ड्यूटी समाप्त करने के बाद वह पैदल गार्ड लॉबी की ओर जा रहे थे. इसी दौरान गार्ड लॉबी के गेट के पास पूर्व से घात लगाए अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी थी. गंभीर रूप से घायल गौतम को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों और लोको पायलटों में भारी आक्रोश देखा गया था. रेलवे कॉलोनी और स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे थे. मृतक की पत्नी के बयान पर बागबेड़ा थाना में राजकिशोर सिंह और उसके बेटों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था. अब पुलिस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं कि वह इस चर्चित हत्याकांड का खुलासा कब तक करती है?

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