नमन कार्यालय सहित काशीडीह नाई संघ, भालूबासा जंबू अखाड़ा, बिरसानगर साईं सरस्वती इंग्लिश स्कूल एवं बागबेड़ा लाल बिल्डिंग चौक आदि स्थानों में भाजपा नेता ने किया झंडोत्तोलन
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर में नमन परिवार द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर नमन कार्यालय में गरिमामय झंडोत्तोलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्थापक अमरप्रीत सिंह काले ने नमन कार्यालय में ध्वजारोहण कर राष्ट्र के प्रति निष्ठा एवं संविधान के मूल्यों के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त की।
इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, संगठनों के गणमान्य प्रतिनिधियों, युवाओं एवं मातृशक्ति की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता ने कार्यक्रम को और अधिक प्रेरणादायी एवं गौरवपूर्ण बना दिया। झंडोत्तोलन के पश्चात उपस्थितजनों ने देश की एकता, अखंडता तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया। पूरे वातावरण में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और सौहार्द की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रही थी।
मौके पर अमरप्रीत सिंह काले ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारे संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने का दिन है। यह दिन हमें हमारे अधिकारों के साथ-साथ हमारे कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। तिरंगे के नीचे खड़े होकर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को सदैव सर्वोपरि रखेंगे। युवा शक्ति और मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि भारत का भविष्य सुरक्षित, सशक्त और संस्कारवान हाथों में है।
उन्होंने कहा कि आइए, हम सभी संविधान के आदर्शों को आत्मसात करते हुए एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना सकारात्मक योगदान सुनिश्चित करें। गणतंत्र दिवस के अवसर पर नमन कार्यालय के अलावा अमरप्रीत सिंह काले ने जमशेदपुर के विभिन्न क्षेत्रों में भी आयोजित झंडोत्तोलन कार्यक्रमों में सहभागिता की। भारतीय जनता पार्टी झारखंड के प्रदेश प्रवक्ता के रूप में उन्होंने काशीडीह नाई संघ, भालूबासा जंबू अखाड़ा, बिरसानगर सांई सरस्वती इंग्लिश स्कूल तथा बागबेड़ा लाल बिल्डिंग चौक में मुख्य अतिथि के रूप में तिरंगा फहराया और संविधान के मूल्यों के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
इन सभी समारोहों में बड़ी संख्या में नागरिकों, सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों एवं युवाओं की उपस्थिति रही। अपने संबोधन में उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग से राष्ट्रहित में एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया तथा भारत की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा हेतु सामूहिक संकल्प दिलाया।

