फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर में सोनारी थाना क्षेत्र का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें शिव शंकर मुखर्जी नामक व्यक्ति ने प्राथमिकी दर्ज करवाने के नाम पर पीड़ित दिनेश शाह से ऑनलाइन एक हजार रूपए ले लिए। शिव शंकर मुखर्जी ने खुद को ह्यूमन राइट्स का वकील बताकर रकम ऐंठी थी, लेकिन जैसे ही शिव शंकर मुखर्जी को यह जानकारी मिली कि घटना की जांच सीआईडी पुलिस कर रही है, तो फंसने के डर से ली गई रकम दिनेश साह को वापस कर दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार न्यू ग्वाला बस्ती सोनारी का दिनेश साह फुटपाथ में सब्जी बेचता है। 24 दिसंबर की रात लगभग नौ बजे अपराधकर्मी पवन साह, अनिल साह, सुनील साह ने मारपीट का जख्मी कर दिया। सोनारी पुलिस ने पीड़ित कोई इलाज के लिए एमजीएम भेजा। अगले दिन वह लिखित शिकायत करने गया तो थाना प्रभारी एवं एसआई शिवम राज ने गाली क्लोज कर भगा दिया।
वरीय पुलिस अधीक्षक को शिकायत की गई, तो 4 जनवरी को ऐसा शिवम राज घर में आकर गाली गलौज करने लगे और कहने लगे कि थाना आओ मुकदमा करना है। इसके साथ ही यह कह सादे पेपर पर जबरन हस्ताक्षर ले लिया कि अभियुक्त लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज देंगे। इसके बाद शिव शंकर मुखर्जी नामक व्यक्ति ने अपने मोबाइल संख्या 9153378371 से फोन कर बोला कि ह्यूमन राइट से वकील बोल रहा हूं। थाना में आपका काम हो गया है तुरंत एक हजार रुपए भेज दो।
यूपीआई के माध्यम से पैसे भेजे तो शिव शंकर मुखर्जी ने प्राथमिकी की कॉपी व्हाट्सएप पर भेजी। देखा तो पाया कि 25 दिसंबर को दिए गए लिखित आवेदन पर मुकदमा दर्ज नहीं किया है बल्कि 4 जनवरी 2026 को जमानतीय धारा के तहत अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें मदद पहुंचाया गया। जबकि हमले में मेरी पसली संख्या 7 एवं 8 टूटी हुई पाई गई थी। गज 17 जनवरी को इस घटना की लिखित शिकायत पुलिस महानिदेशक रांची तथा अन्य पुलिस पदाधिकारी को की गई और इसके बाद ही जांच शुरू हुई। इसकी जानकारी मिलते ही शिव शंकर मुखर्जी ने ली गई रकम को ऑनलाइन माध्यम से ही आज दिनेश शाह बेटे के अकाउंट में वापस कर दिया।

