साकची गुरुद्वारा में श्रद्धा के मनाया गया खालसा सृजना दिहाड़ा सह बैसाखी का पर्व
विशेष कीर्तन दरबार में “अमृत पीवो सदा चिर जीवो” गुरुबानी से गूंजा साकची गुरुद्वारा साहिब
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
खालसा सृजन दिवस (बैसाखी) के पावन अवसर पर गुरुद्वारा साहिब साकची में 14 अप्रैल को संगत ने किए जा रहे सेवा कार्यों के लिए सारोपा देकर सम्मानित किया। मंगलवार को साकची गुरुद्वारा साहिब में एक विशेष कीर्तन दरबार में “अमृत पीवो सदा चिर जीवो” गुरुबानी से दरबार साहिब गुंजायमान रहा। इस सबद की मधुरता में संगत मंत्रमुग्ध होकर अलौकिक दुनिया में लीन हो गई।
“अमृत पीवो सदा चिर जीवो” का एक पवित्र शबद है, जो ईश्वर के नाम को अमृत मानकर उसे पीने (जाप करने) और उससे आध्यात्मिक अमरता पाने की सीख देता है। यह जीवन में शांति, मानसिक एकाग्रता और आत्मिक जागृति का मार्ग बताता है।
बहरहाल, बैसाखी दीवान में गुरुद्वारा साहिब के महामंत्री परमजीत सिंह काले ने पिछले एक वर्ष के आय-व्यय का लेखा जोखा संगत के साथ साझा किया और हो रहे और होने वाले विकास कार्यों की जानकारी भी संगत को दी जिसे संगत ने “बोले सो निहाल सतश्रीअकाल” के जयकारे के साथ परवानगी दी। उपरांत प्रधान सरदार निशान सिंह ने संगत को संबोधित करते हुए उनके आपार सहयोग का धन्यवाद ज्ञापन किया और आगे होने वाले कार्यों के लिए भी संगत से सहयोग के अपेक्षा की कामना की।
इससे पूर्व बैसाखी पर्व कार्यक्रम सुबह 10:00 बजे श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति के बाद 10:00 से 10:30 बजे तक सिख स्त्री सत्संग सभा साकची द्वारा कीर्तन प्रस्तुत किया गया जबकि 10:30 से 11:00 बजे तक सुखमनी साहिब कीर्तनी जत्था द्वारा सबद-कीर्तन से संगत को निहाल किया। इसके बाद 11:00 से 11:30 बजे तक जमशेदपुर की जानी मानी बीबी रविंदर कौर ने कीर्तन प्रस्तुत किया, जबकि 11:30 से 12:30 बजे तक गुरुद्वारा साहिब साकची के मुख्य ग्रंथी भाई साहिब भाई अमृतपाल सिंह मन्नन अपने प्रचार से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान की। दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक साकची गुरुद्वारा के हजूरी रागी जत्था भाई साहिब भाई नारायण सिंह ने कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को निहाल किया। कीर्तन दरबार की समाप्ति के बाद अरदास के पश्चात गुरु का लंगर श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया गया।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी, साकची के प्रधान सरदार निशान सिंह ने अपने संबोधन में संगत से कहा कि खालसा सृजन दिवस सिख इतिहास का अत्यंत गौरवशाली दिवस है। उन्हें ख़ुशी है कि इस पावन अवसर पर गुरुद्वारा साहिब में लगभग पाँच हज़ार से अधिक श्रद्धालुओं ने गुरु दरबार में हाजरी लगाई, माथा टेका और प्रसाद ग्रहण किया तथा एकत्रित होकर गुरुवाणी का श्रवण कर और गुरु साहिब की खुशियाँ और कृपा प्राप्त की।
वहीं, कमिटी के महासचिव परमजीत सिंह काले ने कहा कि यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में एकता, सेवा और भाईचारे का संदेश भी देता है। इस आयोजन में सिख स्त्री सत्संग सभा साकची, सुखमनी साहिब कीर्तनी जत्था एवं सिख नौजवान सभा साकची की सक्रिय भागीदारी रही जिस कारण कार्यक्रम को सफल बनाने में इनकी भागीदारी महत्वपूर्ण रही।

