फतेह लाइव, रिपोर्टर.


शहर में भीषण गर्मी से लोगों को राहत दिलाने के लिए सिखों के पांचवे गुरु श्री गुरु अर्जन देव जी की शहादत की याद में बारीडीह द्वारा प्रबंधक कमेटी के अवतार सिंह सोखी के नेतृत्व में बारीडीह चौक में चना और शरबत का वितरण किया गया। श्री गुरु अर्जन देव जी ने अपने जीवन काल में हिंसा पर अहिंसा की जीत का संदेश दिया मुगल शासन काल में मुगलों के द्वारा उन्हें तरह-तरह की प्रताड़ना दी गई।
इस दौरान गर्म सलाखों और गरम रेत उनके शरीर पर डाला गया लेकिन वह मुगलों के सामने नहीं झुके। निरंतर उनके प्रताड़ना को सहते रहे और शहीद होने तक हिंसा को नहीं अपनाया और अंत में 16 जून 1606 में शहीदी प्राप्त किया।
आज के कार्यक्रम की विशेषता यह रही की सेंट्रल गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान भगवान सिंह चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह, महासचिव अमरजीत सिंह, गुरुचरण सिंह बिल्ला, सेंट्रल सिख स्त्री सत्संग सभा की चेयरमैन कमलजीत कौर, सेंट्रल नौजवान सभा के प्रधान अमरीक सिंह आदि को पेड़ भेंट किए गए।
इस मौके पर, जसवंत सिंह, सुखदेव सिंह बिट्टू , तीनप्लेट गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरजीत सिंह खुशीपुर अपनी टीम के साथ पहुंचे थेl सेंट्रल स्त्री सत्संग सभा की चेयरमैन बीबी कमलजीत कौर, बारीडीह स्त्री सत्संग सभा की महासचिव दलजीत कौर, बारीडीह नौजवान सभा बारीडीह की समूह संगत बागुन नगर ,बारीडीह बस्ती, ट्यूब बारीडीह ,न्यू बारीडीह ,विजय गार्डन , रमनी नगर, 10 नंबर बस्ती, भारी संख्या में संगत उपस्थित रही।
मंच का संचालन अमरजीत सिंह भामरा ने किया। अपने संबोधन में सरदार शैलेंद्र सिंह ने कहा कि हमें गुरुओं के बताए मार्ग पर चलते रहना चाहिए और उस मार्ग को नहीं छोड़ना चाहिए। प्रधान सरदार भगवान सिंह ने अपने संबोधन ने कहा सिखों के पांचवे गुरु अर्जन देव जी ने हरमंदिर साहिब अमृतसर की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने हिंसा पर अहिंसा की जीत का एक उदाहरण पूरे संसार को दिया।
छबील के कार्यक्रम को सफल बनाने में अवतार सिंह सोखी, अमरजीत सिंह भामरा, जसपाल सिंह, राजेंद्र सिंह चिम्मा, साधू सिंह, सविंदर सिंह, कुलदीप सिंह ज्ञानी, अवतार सिंह, कुलदीप सिंह कलसी, प्रदीप सिंह, बलकार सिंह, बलजीत सिंह, विक्रम सिंह, मुख्तार सिंह, सुखराज सिंह, राजदीप सिंह, पाल सिंह, केपी सिंह, मनिंदर सिंह, राकेश मंडल, काशीनाथ प्रधान, सुमित कुमार, अजय सिंह, बिट्टू सिंह और समूह संगत का योगदान रहा।