फतेह लाइव, रिपोर्टर.
खालसा सृजन दिवस (बैसाखी) के पावन अवसर पर गुरुद्वारा साहिब साकची में 14 अप्रैल को एक विशेष कीर्तन दरबार का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी साकची द्वारा व्यापक तैयारियाँ की जा रही हैं, जिसमें बड़ी संख्या में संगत के हाजरी भरने की उम्मीद है।

पिछले दिनों प्रधान सरदार निशान सिंह की अध्यक्षता में साकची गुरुद्वारा में कार्यकारणी की एक बैठक रखी गयी थी जिसमे निर्णय लिया गया कि बैसाखी पर्व पूरी धार्मिक आस्था के साथ धूमधाम से मनाया जायेगा।
सरदार निशान सिंह ने बताया कि कीर्तन दरबार और बैसाखी पर्व कार्यक्रम सुबह 10:00 बजे श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति के साथ होगी, उपरांत 10:00 से 10:30 बजे तक सिख स्त्री सत्संग सभा साकची द्वारा कीर्तन प्रस्तुत किया जाएगा। 10:30 से 11:00 बजे तक सुखमनी साहिब कीर्तनी जत्था द्वारा सबद-कीर्तन से संगत को निहाल किया जाएगा।
इसके बाद 11:00 से 11:30 बजे तक बीबी रविंदर कौर कीर्तन प्रस्तुत करेंगी, जबकि 11:30 से 12:30 बजे तक गुरुद्वारा साहिब साकची के मुख्य ग्रंथी भाई साहिब भाई अमृतपाल सिंह जी मन्नन अपने प्रचार से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करेंगे। दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक साकची गुरुद्वारा के हजूरी रागी जत्था भाई साहिब भाई नारायण सिंह कीर्तन प्रस्तुत करेंगे संगत को निहाल करेंगे। कीर्तन दरबार की सम्पति के बाद अरदास के पश्चात गुरु का लंगर श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया जाएगा।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी, साकची के प्रधान सरदार निशान सिंह ने संगत से अपील करते हुए कहा कि खालसा सृजन दिवस सिख इतिहास का अत्यंत गौरवशाली दिवस है। हम सभी को इस पावन अवसर पर गुरुद्वारा साहिब में एकत्रित होकर गुरुवाणी का श्रवण करना चाहिए और गुरु साहिब की कृपा प्राप्त करनी चाहिए।
वहीं, कमिटी के महासचिव परमजीत सिंह काले ने कहा कि यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में एकता, सेवा और भाईचारे का संदेश भी देता है। वे सभी संगत से अनुरोध करते हैं कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस विशेष कीर्तन दरबार में शामिल होकर गुरुघर की खुशियां प्राप्त करें। इस आयोजन में सिख स्त्री सत्संग सभा साकची, सुखमनी साहिब कीर्तनी जत्था एवं सिख नौजवान सभा साकची की सक्रिय भागीदारी रहेगी, जो कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।



