फतेह लाइव, रिपोर्टर.
स्वर्ण आर्मी के संयोजक अप्पू तिवारी ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि बाबर खान द्वारा दिया गया बयान — “भगवा दफन होगा” — न सिर्फ़ दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह करोड़ों सनातन आस्थावानों, राष्ट्रवादी सोच और सामाजिक समरसता पर सीधा हमला है। ऐसे शब्द किसी एक रंग के खिलाफ नहीं, बल्कि भारत की सभ्यता, संस्कृति और आत्मा के खिलाफ ज़हर उगलने जैसा है।
चूंकि मेयर चुनावी माहौल में इस तरह के बयान घृणित मानसिकता दिखाई पड़ता है। आज भगवा किसी दल या संगठन का प्रतीक नहीं, बल्कि यह त्याग, तपस्या, बलिदान और राष्ट्रबोध का रंग है। इतिहास गवाह है कि जिसने-जिसने भगवा को मिटाने या दफन करने की बात की है, वही स्वयं समय के गर्त में समा गया है।
बाबर खान का यह बयान नफरत फैलाने वाला, समाज को बांटने वाला और शांति व्यवस्था को चुनौती देने वाला है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति सनातन प्रतीकों, आस्था और भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का दुस्साहस न करे।
अप्पू तिवारी ने चेतावनी लहजे में बताया कि हम स्पष्ट शब्दों में कहना चाहते हैं—भगवा न कभी दफन हुआ है, न होगा। यह भारत की आत्मा है, और आत्मा को कोई मिटा नहीं सकता। प्रशासन से मांग है कि बाबर खान के खिलाफ त्वरित संज्ञान लेते हुए कानूनी कार्रवाई की जाए और उनसे सार्वजनिक माफी मंगवाई जाए। अगर ऐसे बयानों पर चुप्पी साधी गई, तो यह असामाजिक तत्वों को खुली छूट देने जैसा होगा।
सनातन को चुनौती देना आसान है, लेकिन उसके परिणाम झेलना हर किसी के बस की बात नहीं।
