फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर के समाजवादी चिंतक एवं अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार एवं भाजपा की जीत का श्रेय उत्तर भारतीयों को दिया है। उनके अनुसार 1977 के बाद से वहां की सरकार है उत्तर भारतीयों के साथ दोहरा मापदंड वाला व्यवहार करती रही है।
अधिवक्ता के अनुसार चाहे वह वाम मोर्चा की सरकार हो या तृणमूल कांग्रेस की सरकार, इन सरकारों ने हमेशा ही उत्तर भारतीयों को शोषक, बाहरी और अत्याचारी का तमगा लगाते रहे। जबकि पश्चिम बंगाल के औद्योगिकीकरण एवं समृद्धि में उत्तर भारतीयों की देन रही। पूंजी निर्माण और व्यापार में हरियाणा और राजस्थान तथा मानव संसाधन में बिहार, उत्तर प्रदेश का योगदान रहा।
वहां पिछली चार पीढ़ियां बसी हुई थी और उनको बाहरी बताने की कोशिश तृणमूल कांग्रेस की ओर से हो रही थी लेकिन उन्हें बांग्लादेशी नजर नहीं आ रहे थे। उत्तर भारतीयों की एकता ने बंगाल के सत्ताधारी दल के छद्म क्षेत्रवाद और बांग्ला राष्ट्रवाद के तिलिस्म को भंग कर दिया।
पप्पू के अनुसार तृण मूल कांग्रेस की करारी हार यह उन क्षेत्रीय दलों के लिए सबक हैं जो क्षेत्रीयता की भावना को बढ़ावा देकर भारत की विविधता में एकता को चोट पहुंचाते हैं।

