फतेह लाइव, रिपोर्टर.
संयुक्त ग्राम समन्वय समिति के अध्यक्ष राम सिंह मुंडा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि चक्रधरपुर रेल मंडल के सालगाझुड़ी रेलवे स्टेशन (वेस्ट केबिन) का निर्माण कार्य करोड़ों रुपए खर्च किए जाने के बावजूद भी सालगाझुड़ी स्टेशन निर्माण कार्य अधर में है. सरकार का पैसा यानी कि आम जनता का पैसा बर्बाद करने का जिम्मेदार कौन है? रेलवे परिचालन में अचानक परिवर्तन करने से पहले आम जनता से भी सुझाव लेना चाहिए था.

प्रतिदिन सुबह 8:40 एवं एवं संध्या 4:40 टाटानगर से की ओर से खड़गपुर की ओर जाने वाली लोकल ट्रेन बंद कर दी गई. रेलवे के इस फैसले से आम यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. आज तक टिकट बुकिंग काउंटर भी यात्रियों के लिए उपलब्ध नहीं कराया गया है. विदित हो कि काफी संख्या में डेली मजदूर, सब्जी विक्रेता, व्यापारियों के साथ साथ आम यात्रियों का आवागमन सालगाझुड़ी रेलवे स्टेशन से होता है.

बंगाल से आने वाला छेना भी इन्हीं लेखन ट्रेन से ही जमशेदपुर लाया जाता है. इससे टाटानगर रेलवे स्टेशन पर आम यात्रियों का भार भी कम पड़ता है. मुंडा ने कहा कि अंडर ब्रिज निर्माण कार्य भी बंद हो गया है. सालगाझुड़ी गोविंदपुर सड़क खस्ताहाल है. आम जनता परेशानी झेलने को मजबूर है. अचानक सलगाझुड़ी रेलवे स्टेशन निर्माण कार्य बंद करना समझ से परे है.
शीघ्र ही रेलवे के द्वारा उचित कदम नहीं उठाया गया तो? क्षेत्र की जनता आंदोलन करने को मजबूर हो जायेगी. जिसमें रेलवे ट्रैक जाम आंदोलन भी संभव है, इसके लिए संयुक्त ग्राम समन्वय समिति जमशेदपुर के अगुवाई में एक आम सभा बुलाकर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी, जिसमें सांकेतिक ट्रैक जाम आंदोलन भी संभव है.
मालूम हो कि यह छैना वगैरह पूर्व की भांति टाटानगर स्टेशन पार्सल पार्किंग से घुस रहा है. गरीब सब्जी विक्रेता भी यहीं से जाते है. मुर्गा, मछली, अवैध गतिविधियां यहां से संचालित होती है. पूर्व में जब यहां आर पी एफ बूथ नहीं थी और आज है. टाटानगर स्टेशन में लगे 104 कैमरे (इंटीग्रेटेड सुरक्षा प्रणाली) के जवाब है.


