एक्सएलआरआइ में झारखंड इंडस्ट्रियल पॉलिसी लैब 2025-26 के फाइनल प्रेजेंटेशन में छह टीमें चयनित
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
झारखंड सरकार की ओर से राज्य के औद्योगिक क्षेत्र में कई सकारात्मक बदलाव की तैयारी की गयी है. ताकि राज्य में निवेश हो और रोजगार के अवसर पैदा हो सके. यही कारण है कि सरकार की ओर से विशेष रूप से झारखंड इंडस्ट्रियल पॉलिसी लैब का गठन किया गया है. जो झारखंड इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (जिडको) और झारखंड इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (जियाडा) की संयुक्त पहल है. इस लैब के जरिये राज्य में किस प्रकार निवेश का वातावरण तैयार हो, इसके लिए रिसर्च किया जा रहा है. इस कार्य में बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है एक्सएलआरआइ.
शनिवार को एक्सएलआरआइ जमशेदपुर में झारखंड इंडस्ट्रियल पॉलिसी लैब 2025-26 के फाइनल प्रेजेंटेशन का सफल आयोजन किया गया. जिसमें अंतिम रूप से एक्सएलआरआइ के विद्यार्थियों की कुल छह टीमों का चयन अगले राउंड के लिए किया जायेगा. उक्त टीम द्वारा फरवरी माह में रांची में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विभिन्न मुद्दों पर प्रेजेंटेशन दिया जायेगा. जिसमें अलग-अलग सेक्टर में किस प्रकार से राज्य का ग्रोथ हो, इस पर एक्सएलआरआइ के विद्यार्थियों द्वारा पूरा रूटमैप को सीएम हेमंत सोरेन के साथ ही मुख्य सचिव अविनाश कुमार व विभिन्न विभाग के अन्य वरीय अधिकारियों के समक्ष उसे प्रस्तुत किया जायेगा.
इस कार्यक्रम में कुल 28 छात्रों की अलग-अलग टीमों ने हिस्सा लिया, जिनमें पब्लिक पॉलिसी एंड बिजनेस स्ट्रैटेजी (पीपीबीएस ) कोर्स के 16 तथा कमेटी फॉर पब्लिक पॉलिसी रिसर्च (सीपीपीआर) के 12 समूह शामिल थे. समीक्षा प्रक्रिया के बाद 20 टीमों को फाइनल राउंड के लिए चुना गया. शनिवार को एक्सएलआरआइ में आयोजित फाइनल प्रेजेंटेशन के आधार पर जिडको व जियाडा के एमडी वरुण रंजन, पूर्वी सिंहभूम जिले के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी, इन्वेस्ट इंडिया और उद्योग जगत से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशेषज्ञों की टीम ने सभी को परखा, जिसके बाद अंतिम रूप से कुल छह टीमों का चयन अगले चरण के लिए किया गया. वरिष्ठ आइएएस अधिकारियों की उपस्थिति ने छात्रों को नीति निर्माण और क्रियान्वयन की वास्तविक चुनौतियों को समझने का अवसर प्रदान किया.
इस अवसर पर एक्सएलआरआई के एसोसिएट प्रोफेसर (स्ट्रेटेजी एरिया) तथा कोर्स इंस्ट्रक्टर डॉ. कल्याण भास्कर ने कहा कि यह लैब दर्शाती है कि कैसे कठोर शैक्षणिक ढांचे व्यावहारिक और कार्यान्वयन योग्य नीति तथा व्यावसायिक रणनीति समाधानों में तब्दील हो सकते हैं, साथ ही छात्रों को अनुपम अनुभवात्मक शिक्षा प्रदान करते हैं. वहीं, जीआईडीसीओ के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन ने छात्र प्रस्तुतियों की गहनता और मौलिकता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी पहलें साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को मजबूत करती हैं तथा भावी नेताओं और सरकारी संस्थानों के बीच प्रारंभिक जुड़ाव को बढ़ावा देती हैं.
इन टीमों का हुआ चयन
पीपीबीएस ग्रुप्स:
• ग्रुप 6: विजन 2035 – झारखंड को भारत का औद्योगिक हब बनाने की दृष्टि
• ग्रुप 7: जीआईएडीए की निष्क्रिय भूमि संपत्तियों का मूल्य अनलॉक करना
• ग्रुप 4: भारत का पहला नेट-जीरो इंडस्ट्रियल एस्टेट
• ग्रुप 5: खनिज-आधारित उद्योगों के लिए नेक्स्ट-जेन एसईजेड मॉडल
• ग्रुप 3: सिंगल विंडो 2.0 – निवेश सुविधा पोर्टल का पुनर्डिजाइन
सीपीपीआर ग्रुप:
ग्रुप : एक्सलरेटर्स
