फतेह लाइव, रिपोर्टर.
झारखंड के हजारीबाग में पत्रकारों के साथ बदसलूकी और मारपीट की घटना ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मीडिया की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब झारखंड सरकार के मंत्री इरफान अंसारी के समर्थकों पर पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगा।
जानकारी के अनुसार, पत्रकारों ने चतरा विमान हादसे के पीड़ितों को अब तक मुआवजा नहीं मिलने और संबंधित एयरलाइन कंपनी पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर मंत्री से सवाल पूछा था। सवाल पूछते ही माहौल अचानक गरमा गया और विवाद बढ़ गया। आरोप है कि मंत्री के साथ मौजूद समर्थकों ने पत्रकारों को कवरेज करने से रोका और उनके साथ धक्का-मुक्की करते हुए मारपीट की।
इस दौरान मौके पर मौजूद अन्य लोगों में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के बाद पत्रकारों में आक्रोश देखा जा रहा है। इस तरह की घटनाएं न सिर्फ मीडिया की स्वतंत्रता पर चोट करती हैं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सवाल पूछने के अधिकार को भी कमजोर करती हैं। मामले को लेकर प्रशासन की कार्रवाई पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

