30 से अधिक विद्यार्थियों ने नाटिका में निभाई भूमिका, धुनुची नृत्य और गरबा की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर में डी.बी.एम.एस. कॉलेज ऑफ एजुकेशन के सभागार में शारदीय नवरात्र के अवसर पर ‘कात्यायनी’ दुर्गोत्सव का आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में बी.एड. के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नृत्य, संगीत तथा नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के अध्यक्ष डॉ. बी. चंद्रशेखर, सचिव श्रीप्रिया धर्मराजन, सह सचिव सुधा दिलीप, प्रशासनिक सचिव सतीश सिंह, मेंटर एंड एडवाइजर डॉ. जूही समर्पिता, प्राचार्या डॉ. मोनिका उप्पल और उप-प्राचार्या पामेला घोष दत्ता ने दीप प्रज्वलित कर किया।

दुर्गोत्सव का मुख्य आकर्षण ‘कात्यायनी’ नाटिका रही। संगीत शिक्षिका अमृता चौधरी के निर्देशन में 30 से अधिक ने मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों और महिषासुर वध के प्रसंग को मंच पर जीवंत किया। नाटिका में प्रमुख भूमिकाएं निभाने वाले विद्यार्थियों के अभिनय और संगीतमय प्रस्तुति की अतिथियों ने सराहना की।

विद्यार्थियों ने पारंपरिक धुनुची नृत्य और गरबा की आकर्षक प्रस्तुतियों से पूरे सभागार को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में प्रबंधन समिति के सदस्यों और शिक्षिकाओं ने भी गरबा नृत्य प्रस्तुत किया, जो विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
इस अवसर पर डॉ. बी. चंद्रशेखर ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन भावी शिक्षकों में सांस्कृतिक मूल्यों और टीम भावना का विकास करते हैं। प्राचार्या डॉ. मोनिका उप्पल ने विद्यार्थियों की नृत्य एवं नाट्य प्रस्तुतियों की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम का संचालन अंजलि मंडल और मनप्रीत कौर ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रज्ञा प्रियदर्शिनी ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कॉलेज की सभी शिक्षिकाएं और कर्मचारी उपस्थित थे।


































