सर्वसम्मति से 2029 तक के लिए लगातार चौथी बार मिली मुख्य सेवादार की सेवा

संगत का संबोधन कर किया ऐलान, चरित्रहीन लोगों को गुरुघर घुसने नहीं देंगे

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

जमशेदपुर के श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा साहेब मानगो की संगत ने अभूतपूर्व फैसला करते हुए प्रबंधक कमेटी के प्रधान पद की सेवा लगातार चौथी बार सरदार भगवान सिंह को सौंपी. भगवान सिंह पहली बार 2017 में प्रधान बने थे. अब उनका कार्यकाल 2029 की 31 मार्च तक का होगा.

पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत रविवार सुबह 10 बजे जनरल बॉडी की कार्रवाई गुरु चरणों में अरदास कर शुरू की गई. ट्रस्टियों का समय समाप्त होने के कारण सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की देखरेख में चुनावी प्रक्रिया शांतिप्रिय ढंग से संपन्न हुई.

मुख्य सेवादार चुने जाने के बाद भगवान सिंह ने अपने सम्बोधन में ऐतिहासिक ऐलान किया. 8 मिनट 10 सेकेंड के इस भाषण को उपस्थित संगत ने ध्यान से सुना. बकौल प्रधान भगवान सिंह फतेह की सांझ करते हुए बोले, मैं कुर्सी का लोभी नहीं हूं. गुरु घर का रखवाला हूं. बिना नाम लिए विरोधियों को चेताते हुए कहा कि दूध की रखवाली बिल्ली नहीं कर सकती.

उन्होंने कहा कि उनके नौ साल का कार्यकाल का लेखा जोखा सुनाया गया है, जिसे भी कुछ जानना हो वह आकर पूछ सकते हैं. उन्होंने संगत से कहा कि मैं कुर्सी के लिए नहीं खड़ा हूं. गुरु घर की मर्यादा के लिए खड़ा हूं. 2017 में संगत ने उन्हें चुना था. तब गुरु महाराज की कृपा हुई. अच्छी और मेहनती टीम मिली. तभी फैसला लिया गया कि गुरु घर की आय का अच्छी जगह, जरूरतमंद लोगों की मदद में उपयोग किया जायेगा. सबका पूरा साफ सुथरा हिसाब रखेंगे.

कहा कि मुझे यह कहने में जरा भी संकोच नहीं कि मेरे पूर्व यहां क्या होता था. ये आप सभी जानते हैं. हमारी कोशिश रही कि मानगो की संगत और गुरु घर की कोई बदनामी नहीं हो. यही दाग सीजीपीसी से भी हटाने की कोशिश रही. मैं कुर्सी से चिपका नहीं हुआ. बस यही चाहता हूं कि गुरु घर की अमानत साफ हाथों में रहे. मैं इसका रखवाला हूं. वह किसी भी हालत में गुरु घर को गलत हाथों में जाने नहीं देंगे. जिस तरह दूध की रखवाली बिल्ली को नहीं बैठा सकते. फिर भी संगत को लगता है कि गलत हुआ है तो उनका हुक्म सिर माथे. हमारा मकसद कुर्सी नहीं गुरु घर की पवित्रता है. मैं नौ सालों का हिसाब देने को तैयार हूं.

उन्होंने बिना नाम लिए विरोधियों पर उंगली उठाते हुए तंज कसा कि जो आज डीसी को जाकर चिठ्ठीयां लिख कर दे रहे हैं, क्या वह अपने चरित्र का हिसाब किताब देंगे. वह पहले हिसाब दें और फिर मेरे से बात करें. गुरसिखों ने अपने शीश कटवा दिए लेकिन गुरु घरों को गलत हाथों में जाने नहीं दिया. ऐसे गलत लोगों को रोकना सभी का फ़र्ज है केवल भगवान या उनकी टीम का नहीं.

ये सब कुछ बोलने की जगह नहीं है, लेकिन मुझसे रहा नहीं गया. जरुरी था. आज ऐलान करते हैं कि आने वाले समय में गुरु घर के प्रधान साफ सुथरे, चरित्रहीन बनेंगे. गुरु घर के देनदार नहीं. जिन्होंने बच्चों की उम्र की टीचरों के साथ गलत व्यवहार किया, सब जग जाहिर है. गुरु घर की कुर्सी समाज की इज्जत होती है. जिसपर पूरे समाज का मान सम्मान बना रहता है. एक गलत आदमी के हाथ कुर्सी जाने से दूसरे धर्म के लोगों में समाज की इज्जत उतर जाती है.

गुरु घर के अंदर कोई बिना सिर ढंके आ जाये तो हम उसे घेरकर खुद नंगे हो जाते हैं. आज प्रधान बनने के लिए सभी खड़े हो रहे हैं. ऐसे में हम डर के पीछे क्यों हटें. जो मेरे और लड़के के खिलाफ केस कर सकते हैं वैसे लोग मुझे मार भी सकते हैं. ऐसी झूठे मामलों की खबरें छपवाकर वह डरा नहीं सकते. ऐसे लोगों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए मैं भी तैयार हूं. गुरु घर की मर्यादा बचाने के लिए अपनी जान भी दे सकता हूं.

इनकी रही परवानगी

इससे पूर्व महासचिव जसवंत सिंह ने 3 सालों का लेखा-जोखा पेश किया. उसके बाद सेंट्रल कमेटी के चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह एवं गुरमीत सिंह ने मानगो गुरुद्वारा के ट्रस्टी कृपाल सिंह सोखी के अनुमति के बाद चुनाव प्रक्रिया शुरू की और उपस्थित संगत से प्रधान पद के लिए नाम मांगे गए, परंतु संगत की तरफ से केवल एक नाम भगवान सिंह का ही आया. इसके बावजूद सीजीपीसी के अधिकारियों ने कहा कि अगर किसी को भी अपना नाम देना है तो दे सकते हैं, परंतु कोई भी व्यक्ति सामने नहीं आया. बैठक में मौजूद स्त्री सत्संग सभा नौजवान सभा मानगो की समूह संगत ने बोले सोनिहाल सत श्री अकाल के जयकारों के बीच सरदार भगवान सिंह को अगले तीन वर्षों के लिए एक तरफा अभूतपुर्व समर्थन दे दिया. उसके बाद संगत की भावनाओं के अनुकूल भगवान सिंह को सीजीपीसी द्वारा प्रधान बनाने की घोषणा कर दी गई. मौके पर सीजीपीसी के अधिकारी सिख स्त्री सत्संग सभा, नौजवान सभा द्वारा सरोपा भेंट कर परवानगी दी गई.

कोई भी नहीं आया सामने

सरदार भगवान सिंह ने अपने संबोधन में संगत के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा की संगत का एक तरफ समर्थन को देखते हुए मैं यह सेवा स्वीकार करता हूं, परंतु उन्होंने इस मौके पर संगत से कार्यकारी प्रधान बनाने की अनुमति मांगी तो, संगत उसके लिए भी तैयार नहीं हुई. संगत की भावना को देखते हुए भगवान सिंह जल्द ही नई कमेटी बनाकर इसकी घोषणा करेंगे.

ये रहे मौजूद

बैठक में सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह, गुरमीत सिंह, वरीय उपाध्यक्ष सुरजीत सिंह खुशीपुर, सुखविंदर सिंह राजू, महासचिव अमरजीत सिंह, गुरुचरण सिंह बिल्ला, कोषाध्यक्ष गुरनाम सिंह, सलाहकार परविंदर सिंह सोहल, सुखदेव सिंह बिट्टू, चरणजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह शिंदे आदि उपस्थित थे, जबकि मानगो गुरुद्वारा की संगत के रूप में ट्रस्टी कृपाल सिंह सोखी, कुलविंदर सिंह पन्नू, इंदर सिंह इंदर, इकबाल सिंह, मलकीत सिंह, संतोख सिंह, तोकी सिंह, हरभजन सिंह बिट्टू, जसवंत सिंह जस्सू, सुखवंत सिंह सुक्कू, हरदीप सिंह दीप समेत भारी संख्या में संगत उपस्थित थी.

सिख स्त्री सत्संग सभा का कार्यकाल विस्तार

मानगो गुरुद्वारा के प्रधान का चुनाव होने के पूर्व मानगो सत्संग सभा की भी एक बैठक संपन्न हुई जिसमें वर्तमान प्रधान भगवान सिंह का तो समर्थन किया ही साथ ही साथ स्त्री सत्संग सभा की वर्तमान प्रधान सुखवंत कौर और महासचिव गुरप्रीत कौर को अगले तीन वर्षों के लिए दोबारा चुन लिया गया. बैठक में लखविंदर कौर, सुरेंद्र कौर, त्रिलोचन कौर एवं कई अन्य लोग उपस्थित थे.

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