फतेह लाइव, रिपोर्टर.
माँ के लिए हर एक दिन सम्मान योग है.’मदर डे’ यानी माँ का एक दिन लेकिन ये कथन सही नहीं है. माँ एक सूरज के समान है जो रोज़ उदय होकर हमें रौशनी का एहसास कराती है. मां एक ऐसा उजाला है जिसकी रौशनी से हर घर चमकता है. हम अगर आज रोज़ सुबह का सूरज देख रहे है तो वो उस माँ के बदौलत है.
मदर डे पर विशेष बयान जारी करते हुए गुरमत प्रचार सेंटर झारखण्ड के सिख प्रचारक हरविंदर सिंह जमशेदपुरी ने कहा कि अगर वाकई मदर डे मानना है तो पूरे देश मे वृद्ध आश्रम बंद हो जाने चाहिए और ऐसा कानून बनना चाहिए कि मां को घर से बेदखल करने वाले संतान को तुरंत जेल होनी चाहिए.
आज के युग मे माँ को बस एक दिन के लिए फेसबुक, ट्वीटर, युट्युब, इंस्टाग्राम और स्टेटस पर फोटो या वीडियो डालकर याद किया जाता है. यह डिजीटल प्रेम केवल दिखावे का न रहकर सच्चा प्रेम और सम्मान होना चाहिए. मां को समर्पित बहुत सारे उदाहरण है जहां बच्चे को मौत के मुंह से बचा लेने जैसी बातें सामने आई हैं.
एक बच्चे को अच्छी परवरिश और अच्छा इंसान बनाने में मां पूरी जिंदगी दुःख सहने को तैयार रहती है, इसलिए हम मां को भगवान का दर्जा देते हैं. हमारे देश के विभिन्न ग्रंथों में भी मां के संतान और परिवार के प्रति बलिदान को बताया गया है.
मदर्स डे पर दुनिया की सभी माताओं को मेरा नमस्कार और अभिनंदन है. मां की शक्ति के आगे कोई बुरी शक्तियां कभी उसके संतान को नुक्सान नहीं पहुंचा सकती.

