फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

आजसू पार्टी प्रमुख एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री सुदेश महतो ने गुरुवार को खरसावां गोलीकांड स्थल पर शहीदों को नमन किया। इस मौके पर सुदेश महतो ने कहा कि खरसावां गोलीकांड, संथाल हूल, बिरसा उलगुलान जैसे आदिवासी विद्रोह के गुमनाम शहीदों का चिन्हितिकरण शीघ्र होना चाहिए, तभी शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि मिल पाएगी।

उन्होंने कहा कि शहीदों के वंशजों को सिर्फ नौकरी देकर हमारा कर्तव्य समाप्त नहीं हो जाता। इन विद्रोहों में शहीदों की संख्या हजारों में रही थी, लेकिन वास्तविक आंकड़ा और नाम सामने नहीं आ पाया है। अधिकारियों द्वारा आंकड़ा काफी कम कर बताया गया था।

महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलन काल से आजसू के लिए खरसावां शहीद स्थल प्रेरणा का स्रोत रहा है। यहीं पर आजसू के आंदोलनकारियों ने झारखंड राज्य के लिए अपना शैक्षणिक प्रमाणपत्र जला दिया था।

महतो ने कहा कि आजसू पार्टी शहीदों के सपनों का झारखंड निर्माण करने का संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि कोर्ट के दबाव में सरकार पेसा नियमावली बनाने के लिए मजबूर हुई है, लेकिन इसके ड्राफ्ट को अब तक सार्वजनिक नहीं किया जाना संशय पैदा करता है।

उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस, केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर, महासचिव हरेलाल महतो, सत्यनारायण महतो, विजय सिंह मानकी, नंदू पटेल, रवि शंकर मौर्य, कन्हैया सिंह, सिद्धार्थ महतो, रामदेव हेंब्रम, कृतिवास मंडल, मंटू शुक्ल, ललित सिंह, आकाश सिन्हा, राजू कर्मकार आदि के साथ शहीद स्थल पहुंचे और शहीद स्थल पर माल्यार्पण कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

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