फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

लौहनगरी जमशेदपुर में सोमवार को स्कूल वैन चालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर मिला-जुला देखने को मिला। टेल्को क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित स्कूल की पांच वर्षीय छात्रा के साथ हुए कथित दुष्कर्म मामले में वैन चालक मन्नू पांडे की गिरफ्तारी के विरोध में जमशेदपुर स्कूली वाहन सेवा संचालन समिति ने हड़ताल का आह्वान किया था। हालांकि दिन चढ़ने के साथ ही चालकों के बीच मतभेद स्पष्ट हो गए और आंदोलन की धार कमजोर पड़ती नजर आई।

सुबह के समय शहर के कई इलाकों में स्कूल जाने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगह वैन नहीं पहुंची, जिससे अभिभावकों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी। लेकिन दोपहर होते-होते स्थिति में बदलाव दिखा। साकची और बिष्टुपुर जैसे प्रमुख इलाकों में वैन चालक दोबारा काम पर लौट आए और स्कूलों के बाहर वैन की कतारें लग गईं। इससे छुट्टी के समय अभिभावकों ने राहत की सांस ली।

इसके विपरीत, टेल्को क्षेत्र में हड़ताल का व्यापक असर बना रहा। यहां सड़कों पर इक्का-दुक्का वैन ही नजर आईं और अधिकांश चालकों ने सेवाएं पूरी तरह ठप रखीं। हड़ताल पर बैठे चालकों का कहना है कि 27 जनवरी को दर्ज मामले में पुलिस ने बिना निष्पक्ष जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही चालक को गिरफ्तार कर लिया, जो उनके अनुसार अन्याय और उत्पीड़न है।

चालकों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आंदोलन जारी रखने की बात कही है। हालांकि शहर के अन्य हिस्सों में बड़ी संख्या में चालकों के काम पर लौट आने से यह स्पष्ट है कि हड़ताल को व्यापक समर्थन नहीं मिल पा रहा है। फिलहाल स्थिति सामान्य होने की ओर बढ़ती दिख रही है, लेकिन टेल्को क्षेत्र में तनाव और विरोध का माहौल अब भी बना हुआ है।

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