आरोप कि एक जमीन के दस्तावेज पर कई लोगों को घर के लिए दिया लोन

चार ट्रस्टी ने मिल कर सार्वजनिक बयान दिया कि कोई गड़बड़ी नहीं

श्याम सुंदर का दावा कि पीएफ ट्रस्ट में कोई ऐसा काम नहीं हुआ जो गलत

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

टाटा पीएफ ट्रस्ट से गलत तरीके से बिल्डिंग लोन स्वीकृत करने की बात सार्वजनिक हुई है तो टाटा स्टील प्रबंधन ने इस पर संज्ञान लिया है. इसकी आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है, क्योंकि मामला नैतिकता से जुड़ा हुआ है.

ये भी पढ़ें : Tata Workers Union : इस समर में जो तटस्थ है, समय लिखेगा उनका भी अपराध

दरअसल, टाटा पीएफ ट्रस्ट द्वारा कर्मचारियों के पीएफ का प्रबंधन किया जाता है. इसमें टाटा वर्कर्स यूनियन के चार कमेटी मेंबरों को पीएफ ट्रस्टी के लिए नामित किया गया हैं जो ओपी सिंह, राजू महतो, मनोज मिश्रा और श्याम सुंदर गोप हैं. सभी पीएफ ट्रस्टी को सप्ताह में तीन दिन पीएफ ट्रस्ट के ऑफिस में जाना पड़ता है. उस दिन उन्हें कारखाना के ड्यूटी से मुक्ति रहती है.

ये भी पढ़ें : Splits emerge in Tata Workers Union : ट्रेड यूनियन हो या क्रिकेट का खेल…टीम में बिखराव का मिल जाएगा इशारा

टाटा पीएफ ट्रस्ट द्वारा कर्मचारियों को उनके पीएफ की जमा राशि से कई तरह के लोन स्वीकृत किए जाते हैं, जिसके लिए अलग अलग दस्तावेज लिए जाते हैं. अधिकतर कामकाज ऑनलाइन है. इनमें एक बिल्डिंग लोन है जो घर बनाने के लिए दिया जाता है. इस लोन को जमा पीएफ राशि में समायोजित किया जाता है. टाटा वर्कर्स यूनियन के कार्यालय में यह बात आई है कि जमीन के एक दस्तावेज पर कई लोगों को बिल्डिंग लोन दिया गया है. इस प्रक्रिया में अनैतिक आचरण भी हुआ है. बात सार्वजनिक हुई तो हो हल्ला बढ़ता गया.

ये भी पढ़ें : Tata Workers Union : टाटा स्टील में वेज रिवीजन में देरी पर गोलबंद हो रहे एनएस के कमेटी मेंबर

इसके बाद टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी ने दखल दिया. सभी चार ट्रस्टी ने सार्वजनिक बयान निर्गत किया कि टाटा ट्रस्ट में किसी तरह का गलत काम नहीं किया गया है और न ही किसी तरह की गड़बड़ी हुई है. श्याम सुंदर गोप नए हैं. उनके नाम पर ज्यादा कानाफूसी हो रही है. उन्होंने दावा किया कि कोई गलत काम नहीं हुआ है. टाटा वर्कर्स यूनियन में एकाउंट्स विभाग से बमबम कमेटी मेंबर हैं. उनके भी मोबाइल को लोग खूब घनघना रहे है. इतना तय है कि प्रबंधन की जांच पूरी होने तक यह मामला इतनी जल्दी ठंडा पड़ने वाला नहीं है.

ये भी पढ़ें : The chairman’s foreign trip : टुन्नू चौधरी फिनलैंड गए, दस दिन सपरिवार रहे, मगर अपने खर्च पर

ये भी पढ़ें : A wave of change swept through the Tata Workers Union : टाटा वर्कर्स यूनियन में वापसी चाहते हैं ब्राह्मण

Share.
© 2026 (ਫਤਿਹ ਲਾਈਵ) FatehLive.com. Designed by Forever Infotech.
Exit mobile version