टीएमएच के कमेटी मेंबर ने स्पोर्ट्स एडवाइजरी कमेटी के आय व्यय का निकाल लिया था सारा रिकॉर्ड
संजय, गुलाब और गूंजन को स्पोर्ट्स यूनिफॉर्म खरीदने के लिए यूनियन कोष से मिले हजारों रुपए
सिर्फ बृंदावन स्वीट्स से 7 बार में मंगाया गया सवा लाख का नाश्ता, सात हजार की सुड़क ली चाय
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
टाटा वर्कर्स यूनियन में परंपरा के तहत स्पोर्ट्स एडवाइजरी कमेटी को खेलों के आयोजन के लिए आर्थिक सहयोग दिया जाता रहा है. कितना ? इसकी कोई सीमा निर्धारित नहीं रही है. अब यूनियन अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी, महामंत्री सतीश सिंह, डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह और कोषाध्यक्ष अमोद दुबे ने विचारोपरांत तय किया है कि स्पोर्ट्स एडवाइजरी कमेटी को एक साल में अधिकतम 80 हजार रुपए का आर्थिक सहयोग किया जाएगा. ऑफिस ऑर्डर भी निकल चुका है.
दरअसल, कुछ दिन पहले यूनियन की कमेटी मीटिंग हुई थी जिसमें टीएमएच के कमेटी मेंबर राकेश कुमार सिंह ने स्पोर्ट्स एडवाइजरी कमेटी के खर्च और आय व्यय में उसके मद के नाम का मसला उठाया था. उन्होंने लंबी मशक्कत के बाद 2021 से 2028 तक स्पोर्ट्स एडवाइजरी कमेटी के जरिय यूनियन कोष से हुए खर्च का पूरा रिकॉर्ड तैयार कर लिया था. कमेटी मीटिंग में यह मसला उठाने पर राकेश कुमार सिंह की खूब हूटिंग भी की गई. कमेटी मीटिंग खत्म हुई तो उन्होंने स्पोर्ट्स एडवाइजरी कमेटी को मिले आर्थिक सहयोग की विवरणों साथी कमेटी मेंबरों को साझा कर दिया.
इसके बाद यूनियन नेतृत्व ने तय किया कि अब नियम बना कर ही स्पोर्ट्स एडवाइजरी कमेटी को राशि दी जायेगी. यूनियन के आय व्यय की विवरणी में दर्ज है कि दिसंबर 21 से अगस्त 25 तक खेल खेल में चाय नाश्ता पर तकरीबन डेढ़ लाख से तनिक कम राशि खर्च हुई है. सिर्फ बृंदावन स्वीट्स से 7 बार में लगभग सवा लाख रुपए का नाश्ता मंगाया गया है, जबकि शिवनाथ की दुकान से लगभग 7 हजार रुपए की चाय सुड़क ली गई है.
टीएमएच के कमेटी मेंबर राकेश कुमार सिंह ने अपनी पड़ताल में पाया कि गुलाब चंद्र यादव, गूंजन वर्मा और संजय सिंह ने स्पोर्ट्स यूनिफॉर्म खरीदने के लिए खुद यूनियन कोष से राशि ली है. गुलाब चंद्र यादव ने मारदा कलेक्शन नामक दुकान से लगभग 36 हजार रुपए की खरीददारी की है. गूंजन वर्मा ने स्पोर्ट्स यूनिफॉर्म नामक दुकान से तकरीबन 22 हजार रुपए के सामान लिए हैं. संजय सिंह ने खिलाड़ियों के टी शर्ट खरीदने के लिए यूनियन कोष से लगभग 21 हजार रुपए लिए। इसके अलावा महामाया स्पोर्ट्स इंपोरियम से 85 हजार रुपए के ट्रैक शूट और पेंट की खरीददारी की गई है.
बार स्पोर्ट्ज कार्ट प्राइवेट लिमिटेड से भी 49 हजार रुपए के ट्रैक शूट लिए गए हैं. 34 सौ रुपए कॉर्क खरीदने के व्यय हुए हैं. स्पोर्ट्स एडवाइजरी कमेटी के जरिए 2021 में लगभग 45 हजार, 2022 में लगभग 1.06 लाख, 2023 में 1.50 लाख, 2024 में 26 हजार और अगस्त 2025 तक 35 हजार रुपए खर्च किए गए हैं. आंकड़े इशारा कर रहे हां कि हरि शंकर सिंह के यूनियन कोषाध्यक्ष रहते स्पोर्ट्स एडवाइजरी कमेटी ने खेलों के आयोजन पर खुल कर खर्च किया है. अमोद दुबे के टाटा वर्कर्स यूनियन का कोषाध्यक्ष बनने के बाद खर्च नियंत्रित हुए हैं.
शाहनवाज और श्या
म बाबू ने यूनियन की खेल गतिविधियों से खुद को रखा दूर
टाटा वर्कर्स यूनियन के उपाध्यक्ष शाहनवाज आलम और सहायक सचिव श्याम बाबू ने इस साल स्पोर्ट्स एडवाइजरी कमेटी की खेल गतिविधियों से खुद को दूर रखा है। इंटर यूनियन स्पोर्ट्स हुआ भी तो शाहनवाज आलम और श्याम बाबू ने शिरकत करने से परहेज किया। दरअसल, एनी अदर मैटर विषय पर कमेटी मीटिंग के पहले टीएमएच के कमेटी मेंबर लगातार यूनियन कार्यालय का चक्कर काट रहे थे तो आलम भांप गए थे कि स्पोर्ट्स एडवाइजरी कमेटी के आय व्यय की खोजबीन हो रही है।
अंदाजा हो चुका था कि इस पर विवाद हो सकता है। इसलिए उन्होंने सुरक्षित दूरी बनाने में भलाई समझी। हां, स्पोर्ट्स एडवाइजरी कमेटी के खर्च पर नियम बनाने का सवाल उठा तो इस मसले के निराकरण में उन्होंने यूनियन अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी को जरूर सहयोग किया है।



म बाबू ने यूनियन की खेल गतिविधियों से खुद को रखा दूर