फतेह लाइव, रिपोर्टर.
दक्षिण पूर्व रेलवे का चक्रधरपुर रेल मंडल. इसका खास जंक्शन टाटानगर. तीन साल पहले वाणिज्य विभाग ने एक विशेष सेवा शुरू की थी. कहना गलत नहीं होगा कि इसके लिए रेलवे बोर्ड स्तर से मंजूरी लेनी पड़ी होगी. खास बात यह थी कि रेलवे की बोगी में रेस्टोरेंट खोलना. जनता को इस सुख सुविधा का लाभ दिलाने के लिए काफी खर्च किये गए.
लेकिन जनता को इस सुविधा का लाभ दिलाने में जिम्मेदार असफल रहे. ठेकेदार ने 15 साल का एग्रीमेंट कर लिया. लेकिन ठेकेदार की यहाँ किसी को परवाह नहीं लगती. वाणिज्य विभाग के अधिकारी यहां लाई लाज बने हुए हैं. आलम यह है कि यहां बोगी का रेस्टोरेंट बंद है. कई पेटी कांट्रेक्टर आये और गए. वाणिज्य विभाग के नाक के नीचे खेल शुरू हुआ, आज भी जारी है. बोगी की यह फोटो बयां कर रही है कि अब बंद बोगी रेलवे की छवि धूमिल कर रही है. टिस्को एरिया हो या फिर रेल, कोई तो दोषी है. थाना या फोर्स? जहां रेल क्षेत्र में ठेले लगने चालू हो गए. वैसे भी बोगी के लिए टेंडर हुआ था, लेकिन पेटी कांट्रेक्टर यहां अपनी मनमानी करते रहे. बोगी के बाहर एरिया को कब्जा कर लिया गया. अभी भी उस अवैध स्थल में खान पान की सामग्री खुलेआम नियमों को ताक पर रखकर बेची जा रही है, लेकिन जिम्मेदार मौन है.
