Gangster Prince khan : प्रिंस खान के लिए नामकुम का कौशल जुटाता था कारोबारी का मोबाइल नंबर, रंगदारी नहीं मिलने पर लालपुर का राणा शूटर भेजकर मरवाता था गोली, पाकिस्तान में ली शरण

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फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

झारखंड में धनबाद के भागाबांध में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार अपराधी अमन सिंह उर्फ मनीष उर्फ कुबेर ने प्रिंस खान गिराेह के कई सदस्याें की जानकारी पुलिस काे दी है. पुलिस पूछताछ में कुबेर ने स्विकार किया है कि वह प्रिंस खान गिराेह के लिए काम करता था और पैसे की लेन-देन का हिसाब रखता था. कुबेर ने यह भी बताया है कि धनबाद व बाेकाराे के बाद राजधानी रांची में भी गिराेह ने अपना प्रभाव जमा लिया था.

रांची में गिराेह का पूरा काम नामकुम निवासी काैशल पांडे और लालपुर स्थित नगड़ा टाेली में रहने वाला राणा राहुल सिंह देखता है. कुबेर ने यह भी बताया है कि शहर के प्रतिष्ठित व्यवसाईयाें की जानकारी जुटाकर प्रिंस खान काे उसका नाम और नंबर उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी काैशल के पास है जबकि रंगदारी का पैसा नहीं मिलने पर हथियार व शूटर उपलब्ध कराने का जिम्मा लालपुर का सफेदपाेश राणा काे दिया गया है.

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यह दाेनाें सदस्य पहले सुजीत सिन्हा के लिए भी काम करते थे. दाेनाें ने अपने-अपने जिम्मेवारी का निर्वहन करते हुए प्रिंस खान के लिए कई काम भी किया है. पुलिस ने अब इन दाेनाें की तलाश शुरू कर दी है. इन दाेनाें के खिलाफ साक्ष्य जुटाकर गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है.

फैज नाम से पाकिस्तान के बहावलपुर में शरण ले रखा है प्रिंस, आतंकी संगठन जैश-ए-माेहम्मद का मिल चुका है समर्थन

कुबेर के माेबाइल से पुलिस काे प्रिंस खान का एक आईडी कार्ड मिला है. पाकिस्तान नेशनल आईडी कार्ड में प्रिंस ने अपना नाम बदलकर फैज खान रखा है. आईडी कार्ड में बहावलपुर का एड्रेस दर्ज है. पाकिस्तान का बहावलपुर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ माना जाता है. ऐसे में पुलिस काे आशंका है कि प्रिंस खान काे पाकिस्तान में जैश-ए-माेहम्मद का समर्थन मिल चुका है. रंगदारी का पैसा आतंकी के पास भी प्रिंस पहुंचा रहा है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

प्रिंस के पास पहुंचता है प्रतिमाह एक करोड़, क्रिप्टोकरेंसी से भेजा जाता है पैसा

पुलिस के समक्ष कुबेर ने स्विकार किया है कि गैंग का सरगना प्रिंस खान के पास प्रत्येक महीना एक कराेड़ रुपया भेजा जाता है. गिराेह के सदस्य क्रिप्टोकरेंसी से यह पैसा प्रिंस के खाते में भेजता है. पुलिस जांच में वैसे 65 बैंक खाताें का ट्रांजेक्शन मिला है जिसके माध्यम से प्रिंस खान काे पैसा भेजा जाता था. इनमें कई खाताें से जेल में बंद सुजीत सिन्हा के रिश्तेदार काे भी पैसा ट्रांसफर किया गया है. इन संदिग्ध खाता धारकाें के बारे में फिलहाल पुलिस जानकारी जुटाकर पूछताछ करने का प्रयास कर रही है.

कुबेर रखता है ट्रांजेक्शन का हिसाब, सुजीत व प्रिंस के बीच का है मीडिएटर

पलामू स्थित चैनपुर निवासी अमन सिंह उर्फ कुबेर दाेनाें गिराेह के बीच में कड़ी का काम कर रहा था. सुजीत सिन्हा के कहने पर कुबेर ही राज्य के अलग-अलग जिला में रहने वाले सक्रिए सदस्याें की मदद से काराेबारी का पूरा डिटेल के अलावा माेबाइल नंबर मंगाता था और प्रिंस खान काे उपलब्ध कराता था. इसके बाद धमकी भरे मैसेज का स्क्रिप्ट भी कुबेर ही तैयार करता था.

प्रिंस खान का धमकी भरे लहजे में ऑडियो रिकाॅर्ड कर कुबेर ही एडिट करते हुए फाइनल करता था, जिसके बाद उसे काराेबारी के पास भेजा जाता था. रंगदारी से मिले पैसे का ट्रांजेक्शन कहां और कितना हुआ है, इसकी पूरी जानकारी कुबेर ही रखता था. सुजीत सिन्हा और प्रिंस खान के बीच वह मीडिएटर का काम करता था. वासेपुर का फहीम खान के साले टुन्ना खान का बेटा अफजल अमन भी शूटर काे हथियार उपलब्ध कराता था.

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