23 किलो सोना और 43 लाख कैश लूटने वाले गिरोह की तलाश में दबिश
मेले के चार कर्मचारियों को पूछताछ के लिए जमशेदपुर लाया गया, एक ही लॉज में ठहरने की कड़ी ने बढ़ाया शक
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर में गोलमुरी केनरा बैंक से करीब 23 किलो सोना और 43 लाख रुपये नकद की सनसनीखेज डकैती के बाद जमशेदपुर पुलिस की जांच अब शहर से निकलकर चतरा तक पहुंच गई है। करोड़ों की इस डकैती के तार अब चतरा के चर्चित डिजनीलैंड मेले से जुड़ते दिखाई दे रहे हैं। इसी कड़ी में एसआईटी ने चतरा सदर थाना क्षेत्र में दबिश देकर मेले में काम करने वाले चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
पूछताछ के बाद चारों को जमशेदपुर लाया गया है। एसआईटी अब इनके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, लोकेशन और जमशेदपुर में इनके संपर्कों को खंगाल रही है। पुलिस का मुख्य सवाल यही है कि क्या मेले में काम करने वाले इन लोगों का डकैती गिरोह से कोई संपर्क था या दोनों के बीच हुई मुलाकात महज संयोग थी।
जमशेदपुर से चतरा तक पहुंची डकैती की कड़ी
24 सितंबर की सुबह गोलमुरी स्थित केनरा बैंक में हथियारबंद अपराधियों ने कर्मचारियों और सुरक्षा गार्ड को बंधक बनाकर गोल्ड लोन के बदले बैंक में रखे ग्राहकों के सोने के गहने और नकदी लूट ली थी। एफआईआर से जुड़े विवरणों के अनुसार करीब 23.80 किलो सोना और लगभग 42 लाख रुपये नकद लूटे गए।
वारदात के बाद पुलिस ने शहर से बाहर निकलने वाले रास्तों के साथ-साथ उन स्थानों को भी जांच के दायरे में लिया, जहां अपराधियों को घटना से पहले या बाद में मदद, ठिकाना अथवा स्थानीय संपर्क मिलने की संभावना थी। इसी जांच के दौरान चतरा कनेक्शन सामने आने के बाद एसआईटी की टीम ने वहां कार्रवाई की।
डिजनीलैंड मेला क्यों आया जांच के घेरे में?
जांच में सामने आया कि चतरा में चल रहा डिजनीलैंड मेला इससे पहले जमशेदपुर के साकची इलाके में भी लगा था। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि जमशेदपुर में मेला रहने के दौरान इसके कुछ कर्मचारियों की डकैती के आरोपितों से मुलाकात हुई थी या नहीं। यही कड़ी जांच के लिए महत्वपूर्ण बन गई है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मेले से जुड़े लोगों ने कहीं अपराधियों को ठहरने की जगह, स्थानीय रास्तों, शहर की गतिविधियों अथवा भागने के रूट से संबंधित कोई जानकारी तो नहीं दी थी।
हालांकि, अभी तक चारों संदिग्धों की डकैती में प्रत्यक्ष संलिप्तता पुलिस ने साबित नहीं की है। फिलहाल उनसे पूछताछ कर कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
एक लॉज ने बढ़ाया पुलिस का शक
जांच में सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यह सामने आया है कि मेले से जुड़े संदिग्धों और डकैती से जुड़े लोगों के एक ही लॉज में ठहरने की सूचना पुलिस को मिली है। यही जानकारी एसआईटी के लिए अहम सुराग बनी है।
अब पुलिस यह पता लगा रही है कि दोनों पक्ष एक ही समय पर वहां क्यों ठहरे थे, उनके बीच कितनी बार संपर्क हुआ और उस दौरान किन मोबाइल नंबरों से बातचीत हुई। इसके लिए पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और लॉज के रिकॉर्ड को आपस में जोड़ रही है।
डकैती सिर्फ पांच हथियारबंद लोगों का खेल था या पीछे था पूरा नेटवर्क?
केनरा बैंक की वारदात जिस तरीके से अंजाम दी गई, उसने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े किए हैं। अपराधियों ने बैंक खुलने के बाद प्रवेश किया, कर्मचारियों को हथियार के बल पर काबू किया और सीधे उस चेस्ट तक पहुंचे, जहां गोल्ड लोन के गहने रखे थे। पुलिस के अनुसार करीब 650 पैकेटों में रखा ग्राहक गिरवी सोना लूटा गया था।
अब जांच का दायरा केवल बैंक में घुसे पांच अपराधियों तक सीमित नहीं है।
किसने बैंक की रेकी की?
किसने सोने की मात्रा की जानकारी दी?
अपराधियों के ठहरने और भागने की व्यवस्था किसने की?
और क्या शहर से बाहर निकलने में स्थानीय संपर्कों ने मदद की?
इन सवालों के जवाब एसआईटी तलाश रही है।
पांचों फरार आरोपितों पर इनाम
पुलिस ने फरार आरोपितों की तलाश तेज करते हुए उनके फोटो जारी किए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अब पांचों फरार आरोपितों पर दो-दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया जा चुका है।
ऐसे में चतरा से मिले नए इनपुट को जांच की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस की पूछताछ में यदि मेले के कर्मचारियों और डकैती गिरोह के बीच संपर्क की पुष्टि होती है, तो फरार अपराधियों तक पहुंचने के लिए एक नई कड़ी हाथ लग सकती है।
23 किलो सोना की डकैती… और अब चतरा कनेक्शन
गोलमुरी की यह डकैती अब केवल जमशेदपुर पुलिस की चुनौती नहीं रह गई है। जमशेदपुर से साकची, साकची से चतरा और चतरा के डिजनीलैंड मेले तक पहुंची जांच इस बात की ओर इशारा कर रही है कि पुलिस अब अपराधियों के पूरे नेटवर्क और उनके संभावित मददगारों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
एसआईटी की अगली कार्रवाई यह तय करेगी कि डिजनीलैंड मेले की कड़ी महज संयोग है या करोड़ों की बैंक डकैती के पीछे छिपे नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा।




































