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SE Railway : टाटानगर में डिवीजनल मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर का रेलवे जीएम ने किया उद्घाटन, देखें – Video, सभी 4 मंडल में खुलेंगे केंद्र, Xlri के साथ MOU

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 कैंपस वाई-फाई से युक्त, एक छत के नीचे इलेक्ट्रिकल, ऑपरेशन, मैकेनिकल, एसएंटी के रेलकर्मी लेंगे प्रशिक्षण

फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

चक्रधरपुर रेल मंडल के टाटानगर में मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की गई है. इसका औपचारिकत उद्घाटन सोमवार को दक्षिण पूर्व रेलवे के जीएम अनिल कुमार मिश्रा ने किया. इस मौके पर डीआरएम तरुण हुरिया, प्रिंसिपल पर्सनल ऑफिसर डॉ. महुआ समेत रेलवे के विभागीय अधिकारी मौजूद थे. बागबेड़ा में रेलवे स्कूल के पुराने भवन को ही मॉडिफाइल कर उसे मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर (MDTTC) का रूप दिया गया है. इस पर 2.5 करोड़ की लागत आयी है.

टाटानगर में रेलवे का जोनल के बाद डिवीजनल स्तर पर यह नया मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर हो गया है. इसे इस तरह डिजाइन किया गया है, जहां वर्तमान में कार्यरत सभी विभागों के कर्मचारियों का कौशल विकास तो होगा ही साथ ही रेलवे रि-क्रूटमेंट बोर्ड से आने वाले नए कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिया जा सकेगा. प्रशिक्षण संस्थान में रेलवे के इंजीनियरिंग, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, सिग्नल एवं टेलीकम्युनिकेशन के रेलकर्मियों को एक ही छत के नीचे प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध होगी.

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यहां कर्मचारियों के लिए कंप्यूटर बेस्ड ट्रेनिंग (CBT) की सुविधा होगी. आधुनिक कंप्यूटर लैब, मॉडल बोगी, ट्रैक सिस्टम, शंटिंग प्वाइंट और क्रॉसिंग से जुड़े प्रैक्टिकल प्रशिक्षण की भी व्यवस्था बाहरी मैदानी हिस्से में की गयी है. इस ट्रेनिंग में रेलकर्मियों को प्रशिक्षण देने के लिए प्रबंधन संस्थान XLRI से MOU भी किया गया है. ऐसा रेलवे जोन स्तर पर पहली बार हुआ है. जीएम ने ट्रेनिंग सेंटर के उदघाटन के बाद यहां बनाये जाने वाले हॉस्टल और दूसरे प्रोजेक्ट का भी निरीक्षण किया.

समय के साथ रेलकर्मियों को तकनीकी दक्षता के लिए प्रशिक्षण संस्थान बनाये जा रहे : जीएम

इस मौके पर जीएम अनिल कुमार मिश्रा ने कहा कि रेलवे में तेजी से आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल हो रहा. ऐसे में कर्मचारियों का उससे अवगत कराना और तकनीकी रूप से दक्ष बनाना जरूरी है. इसी को ध्यान में रखकर यह प्रशिक्षण संस्थान बनाया गया है. रेलवे के सभी डिवीजन में ऐसे मल्टी डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर बनाये जायेंगे.

जीएम ने बताया कि गति शक्ति प्रोजेक्ट के तहत टाटानगर रेलवे स्टेशन के री-डेवलपमेंट का प्लान तेजी से जमीन पर उतारा जा रहा है. उन्होंने कहा कि ढाई साल में नई बिल्डिंग बनाकर तैयार हो जायेगी. कहा कि यार्ड री-मॉडलिंग का कार्य भी मई से शुरू हो जायेगा. इससे ट्रेनों का संचालन सुचारु होगा तथा यात्री ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार आएगा.

जीएम अनिल कुमार मिश्रा 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो रहे है. यह माना जा रहा है कि टाटानगर और चक्रधरपुर में उनका यह अंतिम निरीक्षण व कार्यक्रम हो सकता है. इस क्रम में अनिल कुमार मिश्रा टाटा से विंडा ट्रेलिंग निरीक्षण करते हुए सीनी पहुंचे. जहां उन्होंने जोनल ट्रेनिंग इंस्टीच्यूट का निरीक्षण किया.

यहां भी वह चक्रधरपुर तक फिर से निरीक्षण करते हुए पहुंचें. यहां DRH/CKP में वह ऑपरेशन थियेटर का निरीक्षण किया. यहीं जीएम ने ऑनलाइन झारसुगुड़ा में स्थापित TMS का उद्घाटन किया. चक्रधरपुर में ही जीएम अनिल कुमार मिश्रा के लिए ऑफिसर्स क्लब में रंगारंग कार्यक्रम आयेाजित किया गया है. यहां से जीएम रात 10.30 बजे जोनल मुख्यालय गार्डेनरिच के लिए रवाना हो गए. जीएम के दौरे को लेकर टाटानगर स्टेशन में रेल कर्मी अलर्ट रहें. खासकर स्टेशन मुख्य द्वार के अतिक्रमण पर हर बार की तरह पर्दा रखा गया था. जीएम के जानें के बाद जो फिर गुलजार हो गए और स्टेशन की शोभा में दाग लगाते नजर आएं. 

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