Jamshedpur Crime : नामदाबस्ती गुरुद्वारा के पीछे चली गोलियां, गोलमुरी थाना नचा रहे दो दारोगा!

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फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

जमशेदपुर के गोलमुरी थाना क्षेत्र के नामदा बस्ती गुरुद्वारा के पीछे गोलियों की आवाज से इलाके में दहशत बन गई. जानकारी के अनुसार चार नंबर लाइन में यह घटना मंगलवार रात 8 बजे कारित (घटी) हुई. इस घटना के बाबत एक युवक ने पड़ोसी पर जान मारने की नीयत से गोली चलाने का आरोप लगाते हुए थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है. गोलमुरी पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

शिकायतकर्ता अमन सिंह ने बताया कि वह नामदा बस्ती ए ब्लॉक, लाइन नंबर-4 का निवासी है. उसके अनुसार, उसका भाई विक्की सिंह नशा और अन्य गलत आदतों की ओर बढ़ रहा था. इसे देखते हुए उसने अपने भाई को नशे और गलत संगत से दूर रहने की सलाह दी थी. साथ ही पड़ोस में रहने वाले वीर सिंह उर्फ पंडित के साथ उठना-बैठना बंद करने को कहा था. अमन का आरोप है कि वीर सिंह उसके भाई को गलत आदतों की ओर ले जा रहा था.

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अमन ने बताया कि 25 मई को उसने वीर सिंह उर्फ पंडित को भी उसके भाई से दूरी बनाने को कहा था. इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने घटना को अंजाम दिया. शिकायत के अनुसार, मंगलवार रात उसकी मां राज कौर घर के बाहर बैठी थी. इसी दौरान वीर सिंह उर्फ पंडित मोटरसाइकिल से वहां पहुंचा और कथित रूप से पिस्तौल से उनकी ओर गोली चला दी, हालांकि गोली किसी को नहीं लगी और उसकी मां बाल-बाल बच गईं.

अमन का आरोप है कि घटना के बाद आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी. गोली चलने की आवाज सुनकर वह बाहर पहुंचा, लेकिन तब तक आरोपी वहां से फरार हो चुका था. मामले को लेकर गोलमुरी थाना में शिकायत दर्ज कराई गई है. सूत्रों के अनुसार गोली चलाने के आरोपी वीर सिंह ने गोलमुरी थाना इलाके में ही उदय चौधरी की हत्या कर दी थी. इस घटना के बाद दहशत का माहौल इलाके में बना हुआ है.

सूत्र यह भी बताते हैं कि इन दिनों थाना प्रभारी केवल थानेदारी का चोला ओढे हुए हैं. वह अपना सरकारी नंबर तक अपने पास नहीं रखते. थाना के दो दरोगा सादे लिबास में थाना चला रहे हैं. गत दिनों भी एक ख़ूनी खेल की घटना घटी. उस वक्त थाना प्रभारी को ट्रेनिंग में होने की बात कही गई. सोमवार रात भी कुछ प्रबुद्ध लोग थाना पहुंचे थे. जहां थाना प्रभारी सामने नहीं आये और ये दरोगा थाना चलाते दिखे और मामला पटमदा में फेंक दिया गया. खैर, थाना प्रभारी द्वारा सरकारी नंबर थाना में अधीनस्थ का उठाया जाना, वह भी उनका थाना में रहते हुए. कई खुलासे थाना प्रभारी की कार्यशैली पर उंगली उठाने वाला है. बिना वर्दी के राज रौशन सिंह और गौरव सिन्हा यह थाना अपने इशारों पर नचा रहे हैं. 

बहरहाल, इलाके में टेंगो मोबाइल लेकर घूमना, चांडिल के इंस्पेक्टर की (क्रेटा और बोलिनो) चलाने वाले शख्स (चालक) की अवैध गतिविधियों से सम्बंधित खबर थाना की कार्यशैली पर और बड़ा सवाल बना रही है, जो झारखंड पुलिस की सेवा ही लक्ष्य की परिभाषा के उलट साबित हो रही है.

जारी…

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