देश में शांति, सद्भाव और भाईचारे का संदेश; नौ दिनों की नोवेना प्रार्थना के समापन पर विशेष मिस्सा बलिदान और सामूहिक मिलन
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर में टेल्को स्थित लुपिता चर्च में कैथोलिक समुदाय ने माता वेलंकन्नी का वार्षिक फीस्ट मंगलवार को श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर तामिल सभा ऑफ टेल्को के नेतृत्व में शाम 5.30 बजे चर्च परिसर से भव्य शांति जुलूस निकाला गया।

शांति जुलूस टेल्को लुपिता चर्च से शुरू होकर एलएफएस स्कूल, डीलर हॉस्टल और जी हॉस्टल सहित टेल्को के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए पुनः चर्च परिसर पहुंचा। जुलूस में टेल्को पल्ली के करीब 500 कैथोलिक श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। श्रद्धालु देश-दुनिया में शांति, आपसी भाईचारे और सद्भाव का संदेश देते हुए चल रहे थे।

जुलूस के बाद चर्च में पल्ली पुरोहित फादर ज्ञान प्रकाश टोपनो ने विशेष मिस्सा बलिदान संपन्न कराया। उनके साथ फादर लिनुस, फादर जेबियस, फादर प्रकाश व फादर जेरी भी मौजूद रहे। इसके उपरांत तमिल समुदाय के लोगों ने आपसी मेल-मिलाप और सामुदायिक सौहार्द के बीच समय बिताया।

माता वेलंकन्नी के पर्व को लेकर टेल्को लुपिता चर्च में पिछले नौ दिनों से विशेष नोवेना प्रार्थना चल रही थी। इस दौरान प्रतिदिन समाज के लोग एकत्र होकर प्रभु यीशु की आराधना करते हुए माता मरियम के माध्यम से सुख, शांति, स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना कर रहे थे।

कार्यक्रम के आयोजन में तामिल सभा ऑफ टेल्को के अध्यक्ष कैरलाइन एग्रूस के अलावा पीटर सबैस्टीन, मैनुल एंथोनी, जेम्स एग्रूस, जुलियस प्रकाश सहित अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण सहयोग किया।
कौन हैं माता वेलंकन्नी?
माता वेलंकन्नी को कैथोलिक परंपरा में “आवर लेडी ऑफ गुड हेल्थ” (आरोग्य माता) के रूप में श्रद्धापूर्वक याद किया जाता है। उनका प्रमुख तीर्थस्थल तमिलनाडु के नागपट्टिनम जिले के वेलंकन्नी में स्थित है, जो भारत के सबसे बड़े कैथोलिक तीर्थ केंद्रों में शामिल है और इसे व्यापक रूप से “लूर्ड्स ऑफ द ईस्ट” भी कहा जाता है।
क्यों मनाया जाता है यह पर्व?
हर वर्ष 8 सितंबर को माता मरियम के जन्मोत्सव के साथ माता वेलंकन्नी अर्थात आवर लेडी ऑफ गुड हेल्थ का पर्व मनाया जाता है। वेलंकन्नी में वार्षिक उत्सव सामान्यतः 29 अगस्त से शुरू होकर 8 सितंबर तक चलता है और इससे पहले नोवेना प्रार्थनाओं का आयोजन किया जाता है।
क्या है माता वेलंकन्नी से जुड़ी मान्यता?
कैथोलिक आस्था और स्थानीय धार्मिक परंपराओं के अनुसार वेलंकन्नी से माता मरियम के प्रकट होने और लोगों की सहायता से जुड़ी कई घटनाएं प्रचलित हैं। इनमें एक बीमार बालक के स्वस्थ होने तथा समुद्री तूफान में फंसे पुर्तगाली नाविकों के सुरक्षित बचने की मान्यता विशेष रूप से प्रसिद्ध है। इन्हीं धार्मिक मान्यताओं के कारण श्रद्धालु माता वेलंकन्नी को आरोग्य, आशा और करुणा की प्रतीक मानते हैं।

माता वेलंकन्नी का पर्व केवल धार्मिक आस्था का अवसर नहीं, बल्कि प्रेम, सेवा, शांति और मानवता के संदेश को समाज तक पहुंचाने का भी माध्यम माना जाता है। यही संदेश मंगलवार को टेल्को की सड़कों पर निकले शांति जुलूस में भी दिखाई दिया।



































