15 महीने के एरियर और 44% कंटीजेंसी राशि को लेकर कर्मचारियों में असंतोष
पुराने ग्रेड रिवीजन की तुलना में आधी राशि मिलने से ओल्ड सीरीज के कर्मचारी भी नाराज
यूनियन के व्हाट्सऐप ग्रुप में कमेटी मेंबर की टिप्पणी पर छिड़ी बहस
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर में टाटा स्टील के न्यू सीरीज (NS) के लगभग 7,500 कर्मचारियों को वेतनमान संशोधन के तहत मिले एरियर की राशि अब यूनियन के भीतर चर्चा और असंतोष का विषय बनती जा रही है। एरियर की राशि उम्मीद से अधिक मिलने की टिप्पणी जहां यूनियन के एक कमेटी मेंबर ने की, वहीं दूसरी ओर कई कर्मचारियों ने इस टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्हें अपने व्यक्तिगत विचार रखने चाहिए, सभी कर्मचारियों की ओर से एक राय व्यक्त नहीं करनी चाहिए। कर्मचारियों के बीच एरियर की गणना, भुगतान में देरी और उससे हुए कथित वित्तीय नुकसान को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
7,500 कर्मचारियों के एरियर में देरी से करोड़ों के नुकसान का दावा
कर्मचारियों के बीच सामने आ रहे गणना के आंकड़ों के मुताबिक, 24 जून 2026 की वेज रिवीजन तिथि के आधार पर 15 महीने के एरियर की राशि 2005 रुपये के वेतनमान आधार पर प्रति कर्मचारी 30,075 रुपये बताई जा रही है। इसके अतिरिक्त 44 प्रतिशत कंटीजेंसी के रूप में 13,233 रुपये की राशि जोड़ी गई है। इस प्रकार दोनों मदों को मिलाकर प्रति कर्मचारी 43,308 रुपये का मूल देय बनता है।
कर्मचारियों का तर्क है कि वेज रिवीजन के बाद एरियर भुगतान की प्रक्रिया में हुई देरी के कारण उन्हें ब्याज के रूप में भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। 6 नवंबर 2026 तक भुगतान संबंधी अनुरोध पहुंचने को आधार बनाकर कुछ कर्मचारियों ने प्रति कर्मचारी लगभग 4,000 से 5,000 रुपये तक के अतिरिक्त नुकसान का अनुमान लगाया है।
इस गणना के आधार पर प्रति कर्मचारी कुल नुकसान लगभग 50 हजार रुपये और 7,500 कर्मचारियों के मामले में करीब 37.48 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रभाव होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, ब्याज की वास्तविक गणना, लागू दर और भुगतान की निर्धारित समय-सीमा की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
व्हाट्सऐप ग्रुप में कमेटी मेंबर की टिप्पणी पर बहस
एरियर को लेकर यूनियन के व्हाट्सऐप ग्रुप में उस समय चर्चा तेज हो गई, जब FMM (Field Mechanical Maintenance) के कमेटी मेंबर राजेश कुमार (NS Series) ने टिप्पणी की कि उन्हें उम्मीद से ज्यादा एरियर मिला है और अध्यक्ष को धन्यवाद भी कहा।
इस टिप्पणी के बाद कई कर्मचारियों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी एक व्यक्ति को अपनी व्यक्तिगत राय रखनी चाहिए, लेकिन सभी कर्मचारियों की ओर से यह कहना उचित नहीं है कि उन्हें उम्मीद से ज्यादा एरियर मिला है। कर्मचारियों की नाराजगी का प्रमुख कारण एरियर की वास्तविक राशि के साथ-साथ भुगतान में हुई देरी और उसकी गणना को लेकर उठ रहे सवाल हैं।
ओल्ड सीरीज के कर्मचारियों में भी नाराजगी
दूसरी ओर, ओल्ड सीरीज के कर्मचारियों के बीच भी एरियर को लेकर असंतोष देखने को मिल रहा है। कर्मचारियों की तुलना के अनुसार, पिछले ग्रेड रिवीजन के दौरान ओल्ड सीरीज के कर्मचारियों को जितनी एरियर राशि मिली थी, मौजूदा भुगतान में उन्हें उसका लगभग आधा अमाउंट मिला है। इसी अंतर को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी है और वे पिछले ग्रेड रिवीजन तथा वर्तमान भुगतान की तुलना कर रहे हैं।
यूनियन के खाते में 46.50 करोड़ रुपये, चार महीने का अकाउंट पास
इधर यूनियन की गतिविधियों के तहत शुक्रवार को जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने के अकाउंट को पास करा लिया गया। बताया गया कि जल्द ही कमेटी मीटिंग आयोजित कर वहां भी इन खातों को स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। इसके अलावा बैठक के एजेंडे में अन्य महत्वपूर्ण विषय (Any Other Matter) भी शामिल रहेंगे।
यूनियन के खाते में फिलहाल करीब 46 करोड़ 50 लाख रुपये जमा होने की जानकारी दी गई। इस दौरान यूनियन के ट्रेजरर आमोद दुबे की कार्यप्रणाली और वित्तीय प्रबंधन की भी प्रशंसा हुई।
अब कमेटी मीटिंग पर टिकी निगाहें
एरियर को लेकर कर्मचारियों के बीच अलग-अलग राय सामने आने के बाद अब आगामी कमेटी मीटिंग महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कर्मचारियों की अपेक्षा है कि एरियर की गणना, भुगतान में हुई देरी, कंटीजेंसी राशि और ओल्ड व न्यू सीरीज के बीच भुगतान के अंतर जैसे मुद्दों पर स्पष्ट स्थिति रखी जाए, ताकि कर्मचारियों के बीच बनी असमंजस की स्थिति दूर हो सके।


































