मतदाता सूची से नाम हटाने और निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर में भाजपा की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैली पर पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परविंदर सिंह ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने भाजपा की रैली को राजनीतिक विडंबना बताते हुए कहा कि जब केंद्र में स्वयं भाजपा की सरकार है, तो संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की जिम्मेदारी से सरकार क्यों पीछे हट रही है?
परविंदर सिंह ने कहा कि भाजपा को दूसरों को संविधान बचाने का उपदेश देने के बजाय अपने कार्यकाल में संविधान, लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने पर ध्यान देना चाहिए।
निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश में चुनाव की पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के अधीन संपन्न होती है। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता एवं कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी निर्वाचन आयोग से जवाबदेही की मांग उठती है, भाजपा के नेता उसके बचाव में उतर आते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों का जवाब देने में भाजपा को परेशानी क्यों हो रही है?
एसआईआर के नाम पर मतदाताओं को परेशान करने का आरोप
परविंदर सिंह ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। विपक्ष की ओर से उठाए गए दावों के अनुसार, लगभग 12 करोड़ 30 लाख लोगों के नाम काटे जाने का मामला गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटाया जाता है, तो यह उसके संवैधानिक मताधिकार पर सीधा प्रहार है। एसआईआर की प्रक्रिया के नाम पर गरीबों, मजदूरों और वंचित तबकों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
मतदाता सूची का पारदर्शी ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता का मताधिकार है। निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था से देश की जनता निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही की अपेक्षा करती है।
उन्होंने मांग की कि मतदाता सूची से हटाए गए नामों का पारदर्शी ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए, प्रत्येक पात्र मतदाता को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर मिले और निर्वाचन आयोग विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का तथ्यात्मक जवाब दे।
भाजपा नेताओं पर भी साधा निशाना
परविंदर सिंह ने भाजपा के केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, सांसद विद्युत महतो और विधायक पूर्णिमा साहू पर भी निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और वोट चोरी के आरोपों के बावजूद भाजपा के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समर्थन में रैली निकाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को आम जनता के बीच ले जाएगी और लोकतांत्रिक तरीके से अपना अभियान जारी रखेगी।
संविधान किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं
परविंदर सिंह ने कहा कि संविधान किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक का अधिकार और लोकतंत्र की आत्मा है। संविधान बचाने की बात केवल रैली और नारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसकी शुरुआत संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता, निष्पक्ष चुनाव और प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की रक्षा से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन निर्वाचन आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अपना लोकतांत्रिक अभियान जारी रखेंगे।


































