WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.33 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 P
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.50 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.40 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.57.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.52 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.45 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46

Jamshedpur : बिन किताबों और कार्ड के इंटरमीडिएट के छात्रों से लाइब्रेरी कार्ड का पैसा वसूल रहा को-ऑपरेटिव कॉलेज, छात्र ने की शिकायत

SHARE:

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज के तीनों संकाय में लाइब्रेरी कार्ड पिछले 5 सालों से ज्यादा समय से नहीं बन रही है. कॉलेज के छात्र सह अधिवक्ता अमर तिवारी शुक्रवार को को-ऑपरेटिव कॉलेज के लाइब्रेरी भवन में पहुंचे और उनसे इंटरमीडिएट के लाइब्रेरी कार्ड नहीं बनने पर सवाल पूछा तो जवाब में मिला कि इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों के लिए बुक नहीं है. कई सालों से और इस कारण सिर्फ आइडेंटी कार्ड ही बन पा रहा है. उनका लाइब्रेरी कार्ड नहीं बन रहा है.

यह भी पढ़े : Jamshedpur/Ranchi : बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचा पूर्व सांसद की बेटी का शव, हेमंत-कल्पना ने मां सुमन महतो को दी सांत्वना

Gambhir Car Associate Motion Ads Motion Ads

यह सुनकर कॉलेज के छात्र अमर तिवारी ने भारत सरकार के स्कूली शिक्षा विभाग एवं झारखंड सरकार के शिक्षा विभाग को ऑनलाइन शिकायत कर मामले की जांच की मांग की. शिकायत में बताया कि जिले के शिक्षा बिभाग के अधीन जमशेदपुर को-ओपरेटिव कॉलेज में इंटरमीडिएट संकाय आर्ट्स, कॉमर्स, एवम साइंस के लगभग हर साल 2000 विद्यार्थी नामांकन लेते है,परन्तु कॉलेज के लाइब्रेरी में इंटरमीडिएट का बुक है ही नहीं. यह कारनामा कई सालों से चल रहा है. करीब 5 वर्ष पहले इंटरमीडिएट का बुक करीब हज़ारों की संख्या में थे. अब ये बुक किधर गए ये कॉलेज से सूत्र से पता चला कि सभी फेक दिए गए, ये बुक फेकना जरूरी था.

क्या बुक झारखंड राज्य में इतने जल्दी खराब हो गए, यह बुक नही होने के कारण गरीब विद्यार्थियों का लाइब्रेरी कार्ड नही बनता है, परन्तु शिक्षा बिभाग खोज खबर तक नहीं रख रहा है. विद्यार्थियों के साथ ये अन्याय है, जिनसे मोटी रकम लाइब्रेरी के नाम से 100 रुपये तक लिए जा रहे, जब लाइब्रेरी की सुबिधा नहीं तक रकम क्यों लिया गया. ये कारनामा कई सालों से चल रहा है. अमर ने मांग की है विभाग पहले बुक कहां गए उसका पता लगाएं और सभी बुक नहीं होने पर लाईब्रेरी चार्ज क्यों लिया गया, ये जाँच करें और विद्यार्थियों के हित को देखते हुए तीनों संकाय का बुक उपलब्ध कराया जाये.

यह भी पढ़े : Jamshedpur/Ranchi : बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचा पूर्व सांसद की बेटी का शव, हेमंत-कल्पना ने मां सुमन महतो को दी सांत्वना

अभी-अभी

ਪੰਜਾਬੀ ਖ਼ਬਰਾਂ

Horoscope

Weather

और पढ़ें

हिंदी खबर