Bokaro : एक और झारखंड आंदोलनकारी विश्वनाथ मांझी का निधन, झारखंड सरकार ने भी भुलाया

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फतेह लाइव, रिपोर्टर.

बोकारो जिला के तेनुघाट में पेटरवार प्रखंड अंतर्गत उलगड़ा पंचायत निवासी एवं झारखंड आंदोलन कारी दुबे मांझी उर्फ विश्वनाथ मांझी उम्र लगभग 53 वर्षीय का निधन हो गया. उलगड्डा पंचायत मुखिया अरविंद कुमार मुर्मू ने बताया कि 22 मार्च 1993 में झारखंड अलग आंदोलन में तेनुघाट जेल गए और 7 अप्रैल 1993 में जेल से बाहर आए थे.

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आगे उन्हें बताया कि झारखंड सरकार द्वारा घोषित आंदोलन कारी के रूप में आजतक पेंशन भी उन्हें नहीं मिल पाया, जबकि जेल से प्रमाण पत्र भी दिया गया था. वह लगभग डेढ़ माह से बीमार चल रहे थे. जिसे बोकारो सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. परन्तु स्थिति काफी खराब होने के कारण रिम्स रेफर कर दिया गया था.

परन्तु पैसा के अभाव के कारण रांची नहीं जा कर अपने घर लाया और पैसा व्यवस्था करने के दौरान घर में ही निधन हो गया. वे अपने पीछे एक पुत्र एवं दो पुत्री भरा पूरा परिवार छोड़ गए. सभी परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है.

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