Dhanbad : बीआईटी सिंदरी में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर तकनीक, संस्कृति और नवाचार का भव्य उत्सव

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फतेह लाइव, रिपोर्टर

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के उपलक्ष्य में बीआईटी सिंदरी में तीन प्रमुख कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जो तकनीकी प्रगति, सांस्कृतिक उत्साह और नवाचार को समर्पित थे. एफओवाईसी (Fresher of the Year Contest) नामक सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से प्रथम वर्ष के छात्रों का स्वागत किया गया और उनकी रचनात्मकता को मंच प्रदान किया गया. यह कार्यक्रम विशेष रूप से नवागंतुक छात्रों के लिए यादगार अनुभव था. इसके साथ ही धात्विका (DHATVIKA) नामक कार्यक्रम में धातुकर्म अभियांत्रिकी विभाग द्वारा “कल का धातु (Metal for Tomorrow)” विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान, तकनीकी प्रदर्शनी और छात्र परियोजनाओं की प्रस्तुति दी गई. इस कार्यक्रम ने धातुकर्म के भविष्य में होने वाली भूमिका को स्पष्ट रूप से उजागर किया.

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हैकाथॉन : सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए 36 घंटे की कोडिंग चुनौती

बीआईटी सिंदरी में हैकाथॉन (HACKATRON) का आयोजन भी किया गया, जिसमें देशभर के तकनीकी छात्रों ने भाग लिया. इस 36 घंटे के राष्ट्रीय स्तर के हैकाथॉन का विषय था “भविष्य को हैक करो (Hack the Future)”. प्रतिभागियों ने अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए सामाजिक समस्याओं के समाधान प्रस्तुत किए. उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” दृष्टिकोण पर चर्चा हुई, जिससे छात्रों को नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान करने की प्रेरणा मिली. कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि और वक्ताओं ने छात्रों को सीमाओं से परे सोचने और सामाजिक समस्याओं के समाधान ढूंढ़ने की प्रेरणा दी.

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कुलपतियों, विशेषज्ञों और उद्योग नेताओं के प्रेरणादायक विचार

प्रो. (डॉ.) पंकज राय, निदेशक, बीआईटी सिंदरी ने कार्यक्रम का मार्गदर्शन किया, और डॉ. एस.सी. दत्ता कार्यक्रम के संयोजक के रूप में मौजूद रहे. मुख्य अतिथि, धीरेज कुमार, उप निदेशक, आईआईटी-आईएसएम धनबाद ने छात्रों को समस्याओं के समाधान में नवाचार की आवश्यकता बताई, जबकि विशिष्ट अतिथि प्रो. डी.के. सिंह, कुलपति, झारखंड तकनीकी विश्वविद्यालय, रांची ने नवाचार और नेतृत्व पर अपने विचार साझा किए. दीपक कुमार, निदेशक, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (STPI), सिंदरी ने उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सरकारी फंडिंग के महत्व पर प्रकाश डाला. इस कार्यक्रम ने बीआईटी सिंदरी की सृजनात्मकता, तकनीकी जागरूकता और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया.

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