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Giridih : समाहरणालय प्रांगण में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर जिला स्तरीय सम्मान कार्यक्रम का आयोजन

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  • समाज में महिलाओं के योगदान को सराहा गया, सविता कुमारी की संघर्षगाथा ने दिया प्रेरणा का संदेश

फतेह लाइव, रिपोर्टर

गिरिडीह जिले में समाहरणालय प्रांगण में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर एक भव्य जिला स्तरीय सम्मान समारोह आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण और उनके योगदान को सम्मानित करना था. जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस समारोह में महिला पदाधिकारियों, कर्मियों, महिला पुलिसकर्मियों और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में सामाजिक कुरीतियों जैसे भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा और बाल विवाह को समाप्त करने के लिए सभी से सक्रिय सहभागिता की अपील की गई. महिला उत्थान और सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं पर भी प्रकाश डाला गया. इसके साथ ही एक नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया गया, जो महिलाओं के अधिकारों और उनके योगदान पर आधारित था.

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महिलाओं के योगदान और समर्पण को पहचान देने की दिशा में एक कदम और बढ़ा

कार्यक्रम के दौरान बॉलीवुड सिंगर रजत आनंद ने अपनी आवाज़ से समां बांध दिया. रजत ने ‘इंडियन आईडल सीजन 06’ के सदस्य के तौर पर कई शानदार बॉलीवुड गाने प्रस्तुत किए, जिन्हें सुनकर सभी मंत्रमुग्ध हो गए. इसके अलावा बच्चों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और गानों की प्रस्तुति दी. इस कार्यक्रम में गिरिडीह जिले की मैट्रिक टॉपर्स को भी सम्मानित किया गया. इस सम्मान समारोह में विभिन्न विभागों के अधिकारी और नारी शक्ति से जुड़ी महिलाएं उपस्थित थीं.

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संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुति से महिला दिवस को बनाया यादगार

समारोह में अपर समाहर्ता ने महिलाओं के योगदान को सराहा और उनके कार्यों की सराहना की. उन्होंने कहा कि गिरिडीह जिले की महिलाएं केवल परिवार की धुरी नहीं हैं, बल्कि वे शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, प्रशासन और समाजसेवा में भी अहम भूमिका निभा रही हैं. उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, महिला सहायिकाओं, और नगर निकाय की सफाई कर्मियों का उदाहरण देते हुए बताया कि इन महिलाओं ने अपने समर्पण और कड़ी मेहनत से जिले को स्वच्छ और समृद्ध बनाने में योगदान दिया है. उनके कार्यों से समाज में परिवर्तन आया है.

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जिले की महिला कर्मियों ने समाज में बदलाव लाकर किया गर्व महसूस

जिला परिवहन पदाधिकारी ने भी इस बात को माना कि महिलाओं का योगदान केवल पारिवारिक दायित्वों तक सीमित नहीं है. महिलाएं प्रशासनिक, सामाजिक और स्वच्छता अभियानों में भी सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं. उन्होंने कहा कि आज के सम्मान समारोह का उद्देश्य उन सभी महिलाओं को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपने कार्यों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया है. कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिलाओं की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही हैं और समाज के प्रत्येक अंग में अपना योगदान दे रही हैं.

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महिलाओं के सामाजिक और प्रशासनिक योगदान को नकारा नहीं जा सकता

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, स्नेह कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के संघर्ष, उनके सशक्तिकरण और उनकी उपलब्धियों का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि आज की महिलाएं हर क्षेत्र में सफलता की नई ऊँचाइयाँ छू रही हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि महिलाएं न केवल अपने घरों में, बल्कि समाज के निर्माण में भी योगदान दे रही हैं. इसके बाद, जमुआ की सेविका सविता कुमारी ने भी अपनी संघर्षगाथा साझा की, जिन्होंने अपने बच्चों को डॉक्टर और इंजीनियर बनाया. उनका जीवन महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन सकता है.

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