Fateh Live : टाटा वर्कर्स यूनियन में सब कुछ हवा हवाई

SHARE:

यूनियन के संविधान में संशोधन पर माइकल जॉन में हो गई कमेटी मीटिंग

किसी को नहीं बताया कि संविधान के किस हिस्से में बदलाव चाहिए और क्यों

कमेटी मैंबर पूछते रहे कि यूनियन संविधान के किस हिस्से में चाहते है सुधार

टुन्नू ने यही जवाब दिया कि इस बार ऐसा बदल देंगे कि फिर कभी बदलना न पड़े

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

जिस टाटा वर्कर्स यूनियन का नेतृत्व कभी नेताजी सुभाष चंद बोस और वीजी गोपाल जैसे स्वनामधन्य शख्शियत ने की है, वहां अब सब कुछ हवा हवाई सा लगता है. टाटा वर्कर्स यूनियन के संविधान में संशोधन के मसले पर बुधवार को माइकल जॉन ऑडिटोरियम में कमेटी मीटिंग बुलाई गई. कमेटी मैंबर आए. पूरी कमेटी मीटिंग खत्म हो गई. किसी को मालूम नहीं चला कि यूनियन के संविधान के किस हिस्से में बदलाव की जरूरत पड़ी है और यूनियन नेतृत्व उसे क्यों बदलना चाहता है. हाउस में कमेटी मैंबर बार बार पूछते रहे कि पूरा संविधान बदलना है? कुछ खास धारा में सुधार करना है? कुछ तो बताइए.

ये भी पढ़ें : The plight of Tata Steel Tube Division employees : इस रंग मंच पर अजीब खेल…कहीं खुशी का नाच तो कहीं गम का मेल, देखें – Video

Gambhir Car Associate Motion Ads Motion Ads

मंच पर विराजमान यूनियन के शीर्ष नेता बिल्कुल चुप.आखिरकार यूनियन अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी ने यही जवाब दिया कि यूनियन के संविधान में इस बार ऐसा बदलाव करेंगे कि बार बार बदलना न पड़े. खैर, अब 28 नवंबर को फिर कमेटी मीटिंग बुलाई गई है. उसमें बुधवार को हुईं कमेटी मीटिंग का मिनट्स पारित किया जाएगा. यूनियन के संविधान में क्या संशोधन किया जाना है? यह हाउस को मालूम ही नहीं हुआ. मजेदार बात यह है कि हाउस को अंधेरे में रखने के मसले का मिनट्स अगली कमेटी मीटिंग में पारित किया जाएगा.

ये भी पढ़ें : Tata Workers Union : पहले संविधान संशोधन पर फैसला, फिर वेज रिवीजन पर होगी बात

टाटा वर्कर्स यूनियन की कमेटी मीटिंग शुरू हुई तो सभी कमेटी मेंबरों को बताया कि एकाउंट्स और संविधान संशोधन ही एजेंडा है। कोषाध्यक्ष अमोद दुबे ने एकाउंट्स पेश किया. हल्की फुल्की बहस के बाद उसे पारित कर दिया गया. इसके बाद कमेटी मेंबरों को लगा कि कुछ देर में यूनियन संविधान के उन पहलुओं के बारे में बताया जाएगा जिनमें सुधार की जरूरत महसूस की जा रही है. यह भी बताया जाएगा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में उन पहलुओं में सुधार की आवश्यकता क्यों आन पड़ी है. ऐसा कुछ नहीं हुआ.

ये भी पढ़ें : Tata Workers Union : एक ऐसा नाम जिसने टाटा वर्कर्स यूनियन में सबको जगा दिया

यूनियन उपाध्यक्ष शाहनवाज आलम ने यह जानकारी दी कि यूनियन का संविधान कब बनाया गया था और कब कब संशोधन किए गए थे. यह नहीं बताए कि उस वक्त यूनियन नेतृत्व ने हाउस को साफ तौर पर यह बताया था कि संविधान के किस हिस्से में सुधार करना है और क्यों? बुधवार को कमेटी मीटिंग के सबसे आवश्यक मसले को सब घोंट गए. सिर्फ कहा जाता रहा कि संविधान संशोधन के मसले पर अपने विचार व्यक्त करे. कमेटी मेंबरों को जो समझ आया, उस हिसाब से अपनी बात रख दी। आरसी झा, शिवेश वर्मा, राकेश कुमार सिंह समेत कई कमेटी मेंबरों ने बार बार सवाल उठाया कि बदलना क्या है? क्यों है? याद दिलाया गया कि पहले संविधान संशोधन हुआ है तो सब कुछ पारदर्शी रहा है.

ये भी पढ़ें : Tata Workers Union : एकाउंट पर वार्ता की शुरुआत हुई, 10 हजार के जूते पर बहस का खात्मा

अभी भी वैसा ही होना चाहिए. हुआ कुछ नहीं। यही वजह है कि कमेटी मीटिंग को बीच में छोड़ कई कमेटी मैंबर निकल गए.इंतजार कीजिए कि 28 नवंबर की कमेटी मीटिंग में अचानक क्या मिनट्स पेश किया जाता है अथवा वह भी खुद ब खुद पारित हो जाएगा.

ये भी पढ़ें : Tata Steel : नई बंदिश में टाटा स्टील में कार्यरत आधी आबादी

ये भी पढ़ें : Tata Workers Union : कोष के दुरुपयोग पर टुन्नू और आमोद दुबे में टकराव

ये भी पढ़ें : New System In Tata Steel Medical Services : टाटा स्टील की ईसीसी फ्लैट डिस्पेंसरी में अब नहीं होगा इलाज

ये भी पढ़ें : Tata Steel Club House : यहां सिर्फ नकद नारायण

[ays_poll id=1]
सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें