प्रेम कुमार साहू घाघरा गुमला
प्रखण्ड सभागार में प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के द्वारा 95 स्वयंसेवकों को समर कैंप एवं बी इंटरनेट औषम का सर्टिफिकेट वितरण किया गया
प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के तत्वाधान मे समर कैंप एवं बी इंटरनेट औसम कोर्स का प्रमाण इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि श्री विष्णुदेव कश्चप प्रखण्ड विकास पदाधिकारी घाघरा ,विशिष्ट अतिथि श्री शैलेंद्र कुमार सिंह राज्य प्रमुख ,प्रथम एजुकेशन फ़ाउंडेशन ,पुष्पा टोपो प्रखण्ड कार्यक्रम पदाधिकारी उपस्थित हुए | उपस्थित अथितियों के करकमलों द्वारा, बच्चों के साथ सक्रिय रूप से समर कैंप संचालित करने एवं स्वयंसेवक के कोशल बढ़ाने से संबन्धित बी इंटरनेटओशम कोर्स का सर्टिफिकेट स्वयंसेवकों को प्रदान किया गया |
इस कैंपेन के तहत प्रखण्ड के सभी गाँव -समुदाय मे 238 स्वयंसेवकों के द्वारा कक्षा 6 एवं 7 के शैक्षणिक रूप से पिछड़े 2142 बच्चों के साथ 1माह तक कैंप संचलित किया गया । जिसके तहत समुदाय में बच्चों के बीच भाषा की गतिविधि आयोजित की गई । जहां बच्चे खेल-खेल में पढ़ना लिखना सीखे । कैंप मे समुदाय के लोगों की भी काफी भागीदारी रही वे लगातार बच्चों की पढ़ाई को देखने के लिए आते रहे । स्वयंसेवक को भी बच्चों के साथ काम करने का अनुभव प्राप्त हुआ।
इसके साथ ही शिक्षा के लिए शिक्षा कार्यक्रम के तहत सभी स्वयंसेवकों को गूगल आधरित बी इन्टरनेट ऑशम डिजिटल जागरूकता कोर्स कराया गया । इस कोर्स को करने से स्वयंसेवकों में जहां खुद को साइबर फोर्ड के शिकार होने से बचेंगे इसके साथ ही समुदाय में साईबर अपराध से बचाव में लोगों में जागरूकता लाने के काम आएगी।
आज के कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री विष्णुदेव कश्चप के द्वारा समर कैंप के दौरान सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए इस प्रकार के आयोजन के लिए प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन टीम की सराहना किया वहीं प्रथम के जिला लीडर सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि समर कैंप के आयोजन से बच्चों के सीखने के स्तर मे 36 प्रतिशत की बढ़ोतरी आई । वहीं आज के समय में जिस प्रकार लोगों के द्वारा इन्टरनेट , मोबाईल का अधिक से अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं ऐसे में इससे खतरे भी काफी बढ़ गए है । साईबर अपराध में संलिप्त स्केमर द्वारा अलग अलग तरीके से झांसा देकर भोले भाले लोगों को अपने चपेट में ले लेते हैं जिससे उनके जीवन भर की उनकी गाढ़ी कमाई एक गलती से चपत कर जाते हैं।
बी इन्टरनेट ऑशम कोर्स स्वयंसेवककों वर्चुअल तरीके से कराया गया ।जहां प्रत्येक दिन पढ़ने की सामग्री साझा की जाती थी ,साथ ही प्रथम टीम के सदस्य लगातार फॉलो अप फीडबैक लेते रहे ,इस कोर्स के करने से स्वयंसेवकों में इन्टरनेट सेफ्टी, निजी प्राइवेसी को समझना, सीक्रेट पासवर्ड जैसे एटीएम का पिन, मोबाइल का पासवर्ड, ओटीपी आदि को सुरक्षित रखना, स्ट्रॉन्ग पासवर्ड को बनाने के तरीके ,फेक एवं वास्तविक मैसेज की पहचान, असुरक्षित सोशल मीडिया एप्लीकेशन का पहचान ,अलग अलग परिस्थिती के अनुसार निर्णय लेने की क्षमता, संदेह या संशय की स्थिति में नजदीकी से अपने बातों को बताना किसी भी मैसेज को फॉरवर्ड करने के पूर्व उसे समझना आदि चीजें सीखे ।जो आज के दौर के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।
इन जानकारियों के साथ ही साइबर फ्रॉड के शिकार व्यक्ति को नेशनल साइबर क्राइम सेल में शिकायत करने के प्रक्रिया बताया जा रहा है।
इंटरनेट शेफ्टी आधरित यह कोर्स स्वयंसेवको के लिए काफी जानकारीपरक एवं उपयोगी सिद्ध हुआ है ।
मौके पर गोविंद नारायण चौधरी धर्मेंद्र यादव सुनील बर्मा,अभिषेक कुमार, कदोमाली कुमारी, रिंकी पंडित
