फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

एक्सएलआरआई जमशेदपुर की सामाजिक प्रभाव समिति सिग्मा -ऑइकोस की ओर से 9वीं सामाजिक उद्यमिता महासम्मेलन का आयोजन किया. इस बार सम्मेलन का मुख्य विषय था “विकसित भारत में श्रम की आकांक्षाएं”. कार्यक्रम में नीति-निर्माता, प्रशासक, उद्योगपति, श्रम प्रतिनिधि, सामाजिक उद्यमी और शिक्षाविद् एक मंच पर आए और भारत के बदलते श्रम व आजीविका परिदृश्य पर विचार-विमर्श किया. इस दो दिवसीय सम्मेलन में एक्सएलआरआई जमशेदपुर के करीब 250 छात्रों के साथ अन्य संस्थानों के युवा भी शामिल हुए. यह युवा पीढ़ी में श्रम, सम्मान और समावेशी विकास जैसे मुद्दों के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है.

कार्यक्रम की शुरुआत एक्सएलआरआई के डीन (एकेडमिक्स) प्रो. संजय पात्रो, फादर मुक्ति क्लेरेंस, एस.जे., सिग्मा -ऑइकोस के फैकल्टी एडवाइजर प्रो. सौरव स्नेहव्रत और इसके संस्थापक प्रो. मधुकर शुक्ला ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस दौरान दो पैनल डिस्कशन भी हुए.

पहला पैनल: असंगठित क्षेत्र में कौशल और सम्मान का निर्माण

इस सत्र में असंगठित और संविदा श्रमिकों के कौशल विकास, औपचारिकरण और कल्याण पर फोकस रहा. मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व सचिव, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार अतुल कुमार तिवारी (रिटायर्ड आईएएस) ने संबोधन दिया. सत्र की अध्यक्षता प्रो. जॉनसन अभिषेक मिंज ने की.

पैनल में ये शामिल थे

• राजा कर्ण (वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी, साउथ ईस्टर्न रेलवे)
• शिविन टिकू (चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर, महिंद्रा फर्स्ट चॉइस व्हील्स)
• राकेश्वर पांडे (वरिष्ठ राष्ट्रीय सचिव एवं अध्यक्ष, इंटक झारखंड)
• मानस मंडल (प्रोग्राम ऑफिसर, भारत ग्रामीण आजीविका फाउंडेशन)

दूसरा पैनल : कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में आकांक्षाओं को बल

इस चर्चा में कृषि संरचना में बदलाव, संबद्ध आजीविका और एग्री-उद्यमिता पर रोशनी डाली गई. इसमें मुख्य वक्ता रहे पूर्व मंडल आयुक्त, झारखंड सरकार जटा शंकर चौधरी ( रिटायर्ड आईएएस ). सत्र की अध्यक्षता प्रो. राहुल के. शुक्ला ने की.

पैनलिस्टों में ये थे शामिल

• जस्मिका बास्के (सहायक महाप्रबंधक, नाबार्ड)
• निशांत कुमार (संस्थापक-निदेशक, किंगफिशरीज़ फार्म्स)
• जयंती प्रधान (प्रबंध निदेशक, गोपाल बायोटेक एग्रो फार्म)
• बिस्वजीत बोर्दोलोई (सह-संस्थापक, आसाम ग्रीन टेक)

सम्मेलन के बाद एक्सएलआरआई जमशेदपुर इमर्जिंग सोशल एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर (एक्सएल -जेसी) अवॉर्ड की तीसरी कड़ी हुई, जिसका विषय था “कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में आकांक्षाओं को बल”. पूरे देश से प्राप्त रजिस्ट्रेशनों में से चार उत्कृष्ट सामाजिक उद्यमियों का चयन किया गया. प्रत्येक को 1 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया.

ये अवॉर्ड एक्सएलआरआई के डीन प्रो. संजय पात्रो, प्रो. सौरव स्नेहव्रत और प्रो. टाटा एल. रघु राम ने प्रदान किए. कार्यक्रम का समापन प्रो. सौरव स्नेहव्रत के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ. इस दौरान न केवल गहन चर्चा को बढ़ावा दिया, बल्कि ग्रामीण आजीविका, कौशल विकास और सामाजिक उद्यमिता के माध्यम से विकसित भारत के सपने को मजबूती प्रदान की.

पुरस्कार विजेता

निशांत कुमार – किंगफिशरीज़ फार्म्स (मत्स्य पालन आधारित आजीविका)
जयंती प्रधान – गोपाल बायोटेक एग्रो फार्म
बिस्वजीत बोर्दोलोई – आसाम ग्रीन टेक
प्रीति सिंह – वसुंधरा बायोफ़ाइबर्स

Share.
© 2026 (ਫਤਿਹ ਲਾਈਵ) FatehLive.com. Designed by Forever Infotech.
Exit mobile version