• नशे से मुक्ति के लिए समाज के हर वर्ग को साथ आने की अपील

फतेह लाइव, रिपोर्टर

महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के तत्वाधान में गिरिडीह में नशा मुक्त भारत अभियान को लेकर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, डुमरी/गिरिडीह सदर और अन्य अतिथियों ने किया. इस अवसर पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेह कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि गिरिडीह जिले को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है. उनका कहना था कि नशा सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करता है, और नशे के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए समाज के हर वर्ग का योगदान जरूरी है. उन्होंने नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए सभी से सहयोग की अपील की.

इसे भी पढ़ें: Devghar : बाबा नगरी देवघर में महाशिवरात्रि के अवसर पर भव्य शिव बारात

स्नेह कश्यप ने अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के हर वर्ग से सहयोग की अपील की

कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने डायन कुप्रथा को समाज का सबसे बड़ा अभिशाप बताते हुए कहा कि इस कुप्रथा को खत्म करने के लिए सरकार और जिला प्रशासन प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी नुक्कड़ नाटक के माध्यम से समाज में फैले अंधविश्वास को दूर किया जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं के समाज निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान को भी रेखांकित किया. उनका कहना था कि महिलाओं को सशक्त और स्वावलंबी बनाना समाज की जिम्मेदारी है. उन्होंने भ्रूण हत्या, महिला उत्पीड़न और डायन प्रथा जैसी मानसिक कुरीतियों को समाज से समाप्त करने के लिए सभी से सक्रिय योगदान देने की अपील की.

इसे भी पढ़ें: Giridih : झामुमो महिला इकाई ने वार्ड नंबर 14 में चलाया सदस्यता सह निमंत्रण अभियान

डायन कुप्रथा के खिलाफ नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को किया गया जागरूक

कार्यशाला के दौरान समाज कल्याण विभाग ने नशा मुक्त भारत अभियान और डायन कुप्रथा के विषय पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन भी किया. इस नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशे के हानिकारक प्रभाव और डायन प्रथा के अंधविश्वास को समाप्त करने के संदेश दिए गए. नाटक में “नशा नाश का दूजा नाम”, “झाड़-फूंक को छोड़ो, डॉक्टर से नाता जोड़ों”, “नशा छोड़कर, सबका कल्याण करो” जैसे स्लोगन के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया. इस कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, डुमरी, गिरिडीह, बाल संरक्षण अधिकारी, डीसीपीयू यूनिट के अधिकारी, सुपरवाइजर, सेविका, सहायिका समेत अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी/कर्मी उपस्थित थे.

Share.
© 2025 (ਫਤਿਹ ਲਾਈਵ) FatehLive.com. Designed by Forever Infotech.
Exit mobile version