फतेह लाइव, रिपोर्टर.
भारतीय रेलवे में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव के तहत दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) के वरिष्ठ अधिकारी देबराज बनर्जी को भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, वे अब IRCTC के पूर्वी क्षेत्र, रांची में ज्वाइंट जनरल मैनेजर (Jt. General Manager) के पद पर अपनी सेवाएं देंगे।
रेलवे बोर्ड, रेल भवन, नई दिल्ली से 25 मार्च 2026 को जारी आदेश में बताया गया है कि देबराज बनर्जी, जो वर्तमान में दक्षिण पूर्व रेलवे में डिप्टी चीफ कमर्शियल मैनेजर (क्लेम्स) [Dy. CCM (Claims)] के पद पर कार्यरत हैं, को तीन वर्षों की अवधि के लिए IRCTC में प्रतिनियुक्त किया गया है। यह अवधि तीन साल या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, के आधार पर लागू रहेगी।
आदेश के अनुसार, उनकी नियुक्ति IRCTC के रांची स्थित ईस्ट ज़ोन कार्यालय में की गई है, जहां वे ज्वाइंट जनरल मैनेजर (E5 स्तर) के रूप में कार्यभार संभालेंगे। यह पद IRCTC के संचालन, खानपान सेवाओं, पर्यटन गतिविधियों और यात्री सुविधाओं के प्रबंधन में अहम भूमिका निभाता है।
रेलवे बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि बनर्जी की प्रतिनियुक्ति सामान्य शर्तों के तहत होगी। साथ ही, IRCTC में तत्काल स्थायी समावेशन (immediate absorption) के नियम से छूट देने के लिए भारत सरकार की मंजूरी भी आवश्यक होगी। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही वे अपने नए पद पर पूर्ण रूप से कार्यरत माने जाएंगे।
दक्षिण पूर्व रेलवे प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि बनर्जी को जल्द से जल्द उनके वर्तमान दायित्वों से मुक्त किया जाए, ताकि वे IRCTC में अपनी नई जिम्मेदारियां संभाल सकें। उनके रिलीव होने की तिथि की सूचना रेलवे बोर्ड को भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं।
देबराज बनर्जी भारतीय रेलवे ट्रैफिक सेवा (IRTS) के अनुभवी अधिकारी हैं और उन्हें वाणिज्यिक विभाग में कार्य का लंबा अनुभव है। क्लेम्स और यात्री सेवाओं से जुड़े मामलों में उनकी विशेषज्ञता को देखते हुए यह नियुक्ति IRCTC के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस नियुक्ति से IRCTC के पूर्वी क्षेत्र में संचालन और सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की उम्मीद जताई जा रही है।
रांची स्थित ईस्ट ज़ोन में पर्यटन और खानपान सेवाओं के विस्तार के मद्देनज़र, एक अनुभवी अधिकारी की तैनाती को रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है। रेलवे बोर्ड के इस निर्णय को प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे रेलवे और IRCTC के बीच समन्वय और बेहतर होगा तथा यात्रियों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार की संभावना है।
