फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर के गोलमुरी थाना अंतर्गत डीएसपी सिटी कार्यालय के पास स्थित टिनप्लेट मैदान में बुधवार सुबह फायरिंग में घायल हुए नामदाबस्ती निवासी कन्हैया यादव की टीएमएच में नौ घंटे चले इलाज के बाद देर शाम मौत हो गई. घटना के बाद घायल कन्हैया को घायल अवस्था में टीएमएच के सीसीयू वार्ड में इलाज के लिए भर्ती किया गया था. अपराधियों ने उसे पांच गोलियां मारी थी, जिसमें एक गोली सिर के पीछे, दो छाती में, एक पीठ पर और एक दाहीने हाथ में लगीं.
प्रत्यक्षदर्शी रंजीत ने बताया कि कन्हैया बाजार समिति में अपना काम पूरा कर हर दिन मैदान में टहलने के लिए आता था. यहां आधा घंटा टहलने के बाद ही वह घर जाता था. आज भी वह कन्हैया के साथ टहल रहा था. टहलने के बाद दोनों अपनी-अपनी बाइक के पास पहुंचे. कन्हैया जैसे ही बाइक पर बैठा, वैसे ही पहले से घात लगाए हमलावरों ने कन्हैया के सिर पर पीछे से गोली मार दी, जिससे वह बाइक समेत जमीन पर गिर गया. घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर मैदान की दीवार फांदकर भाग गए. रंजीत के अनुसार हमलावरों की संख्या तीन थी.
कुंडी ने मारी गोरी, नामदा बस्ती के बिल्ला पाठक पर आरोप
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उली़डीह निवासी विक्की गिल उर्फ कुंडी ने कन्हैया को पहली गोली मारी. इसके बाद वह अपने साथियों के साथ फरार हो गया. वहीं परिजनों ने फायरिंग करवाने का आरोप नामदाबस्ती निवासी बिल्ला पाठक पर लगाया है. परिजनों के अनुसार बिल्ला पाठक से कन्हैया का पुराना विवाद रहा है.
बीते साल रामनवमी जुलूस में विसर्जन के दौरान साकची पुराना कोर्ट के पास भी बिल्ला पाठक और कन्हैया के बीच विवाद हुआ था. वहीं कुछ दिनों पहले भी कन्हैया की बिल्ला पाठक के बेटे के साथ भी बहस हुई थी. आरोप है कि कन्हैया यादव ने बिल्ला पाठक के बेटे की पिटाई भी कर दी थी. इसी बात को लेकर ही बिल्ला पाठक ने कन्हैया की हत्या करवाई है. बताया जाता है कि बिल्ला पाठक गैंगस्टर सुधीर दुबे का सहयोगी है. घटना का जाल बिछाकर वह शहर छोड़ चुका था.

