फतेह लाइव, रिपोर्टर.

बारीडीह गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान और राष्ट्रीय सनातन सिख सभा के संयोजक अधिवक्ता कुलविंदर सिंह ने टीनप्लेट गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सुरजीत सिंह खुशीपुर से आग्रह किया है कि वह सीजीपीसी को जेबी संस्था बनाने से रोकें और संविधान का कड़ाई से पालन करवाएं। सुरजीत सिंह मुझे नहीं बल्कि प्रधान सरदार भगवान सिंह को निशाने पर ले रहे हैं।

क्योंकि वह पहले अकेले सलाहकार थे और अभी आलम यह है कि रोज नए-नए लोगों को सलाहकार का पद रेवड़ी की तरह बांटा जा रहा है। अब भगवान सिंह को पूरे जमशेदपुर की संगत को बताना चाहिए कि वह संविधान का पालन कब और कैसे करेंगे?

नियम के विपरीत तीसरी बार मानगो कमेटी के प्रधान बने? अंगुली उठी तो शहर के लोगों को यह बता दिया गया कि मेरा रिश्तेदार हरजिंदर सिंह प्रधान बन गया है? भगवान सिंह खुलासा करें, कब वहां आम सभा हुई थी. फिर भगवान से यह भी बताएं क्या संविधान का पालन कर उनका चुनाव हुआ था?

एक राजनीतिक दल को खुलेआम समर्थन देने का क्या संविधान में प्रावधान है? मुझे सनातनी कहने वाले सिख मिशनरी कॉलेज के लोगों पर कब टिप्पणी करेंगे?

भगवान सिंह बताएं संविधान के किस प्रावधान के तहत मुझे हटाया और मेरी कमेटी भंग की?

एक तरफ प्रधान भगवान सिंह कहते हैं कि इलाके की हदबंदी होनी चाहिए। जब सुरजीत सिंह खुशीपुर ने बहादुर बागान, अर्जुन बागान को अपने इलाके से बाहर कर दिया तो बारीडीह कार्यकारिणी की बैठक में 10 नंबर बस्ती को बाहर कर दिया गया।

सुरजीत सिंह यह भी बताएं कि उन्होंने अपने भाई कुलदीप सिंह खुशीपुर को कैसे क्लब में तंदूर चूल्हा अथवा फूलों की सजावट का काम संविधान के किस प्रावधान के तहत दिया है?

12 अप्रैल 2022 के बारीडीह के समझौते को सुरजीत सिंह खुशीपुर अच्छी तरह बार-बार पढ़ें, उसमें कई लोग पंच हैं और उनकी अनदेखी नहीं हो सकती?

असल में सुरजीत सिंह खुशीपुर संविधान की व्याख्या केवल अपने और अपने हितों की पूर्ति के लिए करते हैं और सामने वाले को बेवकूफ समझते हैं?

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