फतेह लाइव, रिपोर्टर.
सर्वोच्च न्यायालय एवं झालसा रांची के निर्देशानुसार राष्ट्र के लिए मध्यस्थता के द्वितीय चरण का शुभारंभ 2 जनवरी से किया गया है, जो 90 दिनों तक चलेगा. इसमें सभी प्रकार के सुलहनीय मामलों को चिन्हित किया जाएगा, ताकि प्रयास किया जाए कि अधिक से अधिक मामलों को सुलह के आधार पर मामले का निष्पादन किया जा सके.
उक्त बातें जिला विधिक सेवा प्राधिकार जमशेदपुर के सचिव कुमार शौरव त्रिपाठी ने कही. उन्होनें कहा कि इसका प्रचार प्रसार कर आमजनों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी हमारी है, ताकि आमजन इसका लाभ उठा सके. मुख्य रूप से मेट्रोमोनियल मुकदमे, पारिवारिक मामले, चेक बाउंस के मुकदमे, सड़क दुर्घटना के मुकदमे ,क्रिमिनल मुकदमे, पार्टीशन सूट, लैंड एक्शन के मुकदमे, कांटेक्ट मुकदमे, लेबर एक्ट के मुकदमे को चिन्हित कर अधिक से अधिक मुकदमों को मध्यस्थता के लिए अग्रसारित करना है ताकि अधिक से अधिक आम जनों को सुलभ, सस्ता, न्याय मिल सके और आमजन न्यायालय का चक्कर लगाने से बचे.
डालसा सचिव त्रिपाठी ने कहा कि मध्यस्थता में दोनों पक्षों की सहमति से मामलों का निष्पादन होता है जो सस्ता एवं टिकाऊ होता है, क्योंकि यह दोनों पक्षों की सहमति से होता है. इसमें किसी प्रकार की अपील का झंझट नहीं रहता है. मामले का अंतिम रूप से निष्पादन होता है. इससे दोनों पक्ष संतुष्ट होते हैं. यह राष्ट्र के लिए मध्यस्थता की खूबसूरती है. सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्र के लिए मध्यस्थता का प्रथम भाग की सफलता को देखते हुए राष्ट्र लिए मध्यस्थता द्वितीय की शुरूआत की है. आम जनों से अनुरोध है कि अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन कराकर राष्ट्र के लिए मध्यस्थता का लाभ उठायें.


