बैकुंठ शुक्ल की पुण्यतिथि पर नमन परिवार ने अर्पित की भावभीनी श्रद्धांजलि
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर के साकची में नमन परिवार द्वारा प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी महान स्वतंत्रता सेनानी एवं माँ भारती के अमर सपूत बैकुंठ शुक्ल की पुण्यतिथि श्रद्धा, सम्मान एवं राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में महिलाओं, युवाओं, समाजसेवियों एवं गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। उपस्थित सभी अतिथियों ने शहीद बैकुंठ शुक्ल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

राष्ट्रभक्ति, त्याग और बलिदान के प्रतीक अमर शहीद बैकुंठ शुक्ल की गौरवगाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने हेतु नमन परिवार ने बिहार सरकार एवं केंद्र सरकार से गया स्थित सेंट्रल जेल परिसर में उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव भी पारित किया । विदित हो बैकुंठ शुक्ल को आज ही के दिन महज 27 वर्ष की आयु में गया सेंट्रल जेल में अंग्रेजों ने फांसी दी थी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नमन परिवार के संस्थापक अमरप्रीत सिंह काले ने कहा कि बैकुंठ शुक्ल का जीवन त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर युवाओं के लिए प्रेरणा का मार्ग प्रशस्त किया। ऐसे महान क्रांतिकारियों का स्मरण करना हम सभी का कर्तव्य है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ उनके संघर्ष और बलिदान से प्रेरणा ले सकें।
उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, देश के गृह मंत्री अमित शाह एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह करते हुए कहा कि शहीद बैकुंठ शुक्ल जेसे महान स्वतंत्रता सेनानी को उचित सम्मान देना प्रत्येक देशवासी का कर्तव्य है, गया सेंट्रल जेल वह ऐतिहासिक स्थान है जहाँ शहीद बैकुंठ शुक्ल ने मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया था वहाँ उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित होने से देशभर के युवाओं को राष्ट्रप्रेम, त्याग और देशसेवा की प्रेरणा मिलेगी। आज आवश्यकता है कि स्वतंत्रता संग्राम के उन अमर सेनानियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाए, जिनके बलिदान के कारण देश स्वतंत्र हुआ। शहीद बैकुंठ शुक्ल की प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं होगी, बल्कि राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान का प्रेरणास्रोत बनेगी।
अमरप्रीत सिंह काले ने अपने एक्स अकाउंट पर ट्वीट करके प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, देश के गृह मंत्री अमित शाह एवं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बैकुंठ शुक्ल की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने का आग्रह किया ताकि आने वाली पीढ़ियाँ उनके त्याग, साहस और बलिदान से प्रेरणा ले सकें।
अमर क्रांतिकारियों का स्मरण राष्ट्र के प्रति हमारी जिम्मेदारी : बृजभूषण सिंह
वरिष्ठ पत्रकार बृजभूषण सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि इतिहास के ऐसे अमर सेनानियों को याद करना केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। बैकुंठ शुक्ल का बलिदान सदैव देशवासियों को राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।
देशभक्ति और अनुशासन को जीवन में अपनाने की जरूरत : वरुण कुमार
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के संस्थापक वरुण कुमार ने कहा कि देश की आज़ादी अनगिनत वीरों के बलिदान का परिणाम है। बैकुंठ शुक्ल जैसे क्रांतिकारियों ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपना जीवन समर्पित कर दिया। आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी राष्ट्र सेवा, अनुशासन और देशभक्ति की भावना को अपने जीवन में आत्मसात करे।
कार्यक्रम में ये भी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार जयप्रकाश राय, समाजसेवी सुधीर कुमार सिंह, साहित्यकार बलविंदर सिंह, भाजपा पूर्व महिला मोर्चा अध्यक्ष नीरू सिंह, उत्तर प्रदेश संघ के राम केवल मिश्रा, समाजसेवी विपिन झा एवं सरोज सिन्हा सहित कई वक्ताओं ने बैकुंठ शुक्ल के राष्ट्रभक्ति, साहस और बलिदान को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में रिंकू दुबे ने उपस्थित सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।
ये भी हुए शामिल
मौके पर वरिष्ठ पत्रकार राघवेंद्र शर्मा, पूर्व महिला मोर्चा अध्यक्ष राजपति देवी, एडवोकेट स्वाति मित्रा, पूर्व सैनिक सेवा परिषद के एसके सिंह, संदीप कुमार सिंह, मुन्ना सिंह, जसवंत सिंह भोमा, पंकज वर्मा, रितिका श्रीवास्तव, डी मनी, पिंकी यादव, ममता साहा, महालक्ष्मी देवी, माया देवी, संध्या रानी महतो, कंचन देवी, मोना गुप्ता एवं अन्य उपस्थित रहे।




