Jamshedpur Mnac : मानगो नगर निगम विकास कार्य करवाने में अक्षम

SHARE:

सरयू राय के जनसुविधा प्रतिनिधि पप्पू सिंह, पिंटू सिंह और संतोष भगत ने उठाई आपत्ति, कहा…

बड़ी बातें

-मानगो में नगर विकास विभाग का काम क्यों नहीं धरती पर उतरा
-टेंडर निकाले, रद्द किये, फिर टेंडर निकाले; ऐसा क्यों?
-25 अगस्त को निकाले गए टेंडर की अभी क्या स्थिति है?
-मानगो नगर निगम कार्यालय में क्यों नहीं बैठते उप नगर आयुक्त?

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

Gambhir Car Associate Motion Ads Motion Ads

जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय के जनसुविधा प्रतिनिधि पप्पू सिंह, पिंटू सिंह और संतोष भगत ने कहा है कि मानगो नगर निगम मानगो में विकास कार्य कराने में अक्षम हो चला है। कार्यों में शिथिलता आ गई है। इस संबंध में एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से जल्द ही मिलेगा और एक ज्ञापन भी सौंपेगा। उक्त ज्ञापन में बिंदुवार कई जानकारियां भी दी जाएंगी और उनसे उचित कार्रवाई की मांग की जाएगी।

यहां जारी एक साझा बयान में इन तीनों जनसुविधा प्रतिनिधियों ने कहा कि मानगो में नगर विकास विभाग की योजनाओं से संबंधित कार्य नहीं हो रहे हैं। 17 फरवरी 2025 को योजना चयन समिति की बैठक के बाद मानगो नगर निगम के हवाले से 25 अगस्त 2025 को निविदा निकाली गई। यह निविदा आज तक धरातल पर नहीं दिखी। सीधा अर्थ है कि उप नगर आयुक्त ने किसी न किसी बहाने साजिश रची है। उनकी साजिश के कारण ही मानगो की जनता विकास कार्य से महरूम हो रही है। इन्होंने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से कृष्ण कुमार की भूमिका की जांच करने की मांग की है।

इन तीनों का प्रश्न था कि अगर चार माह पहले निविदा हुई तो इन 120 दिनों में निविदा का कार्य धरातल पर क्यों नहीं उतरा? इनका निपटारा क्यों नहीं हुआ? आखिर उसे रोक कौन रहा है? क्या इसे साजिश नहीं माना जाए? इन लोगों ने जानना चाहा है कि 25 अगस्त को जो निविदा निकाली गई, उसकी अवधि कितनी है? उसका निस्तारण कब तक कर देना है? इस तथ्य की भी जांच की जानी चाहिए।

बयान के अनुसार, विगत विधानसभा चुनाव के बाद योजना चयन समिति में जितनी भी योजनाएं स्वीकृत हुईं, उसमें से जितने टेंडर हुए, वो योजनाएं आज तक धरातल पर नहीं उतरीं। कारण क्या है? क्या ये उप नगर आयुक्त की साजिश तो नहीं? विकास कार्य न होने से जनता के बीच में जबर्दस्त रोष है। नगर निगम के पदाधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। कई बार पत्र लिखे गये लेकिन हुआ कुछ नहीं। कई बार निविदाएं निकाली गईं, फिर उन्हें रद्द किया गया। अंततः काम शुरु नहीं हुआ। आखिर यह प्रक्रिया चलेगी कब तक? मानगो की जनता कब तक विकास से दूर रहेगी?

बयान में इन लोगों ने कहा कि उप नगर आयुक्त मानगो नगर निगम कार्यालय में भी नहीं बैठते हैं। मानगो के लोग कभी इनसे कार्यालय में मिलना चाहें तो नहीं मिल पाते क्योंकि वहां ये बैठते ही नहीं हैं। जब बैठेंगे ही नहीं तो मिलेंगे कैसे? इस वित्तीय वर्ष का अब समापन होने चला है और एक भी पैसा उप नगर आयुक्त ने खर्च नहीं किया।

योजनाओं की निविदा और निविदा राशि

-शहरी पथ परिवहन मद से कुल 56 योजनाओं की निविदा हुई। राशि-5 करोड़ 71 लाख 74 हजार 980 रुपये।

-नागरिक सुविधा मद से 23 योजनाओं की निविदा हुई। राशि-2 करोड़ 62 लाख 35 हजार 537 रुपये।

[ays_poll id=1]
सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें