Jamshedpur police got success : सोनारी में वर्धमान ज्वेलर्स में हुई लूटकांड में तीन अपराधी पकड़ाए! पलामू से इनोवा कार बरामद, बिहार के धीरज मिश्रा गैंग ने दिया था घटना को अंजाम, पुलिस जल्द करेगी खुलासा

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फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र के डिस्पेंसरी रोड स्थित वर्धमान ज्वेलर्स में तीन सितंबर को हुई हथियारबंद लूट का पुलिस ने बड़ा खुलासा कर दिया है। इस मामले में अब तक तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने हरिहरगंज थाना प्रभारी चंदन कुमार के नेतृत्व में की गई संयुक्त छापेमारी के दौरान पलामू से घटना में उपयोग की गई कार बरामद की है।

सीसीटीवी में कैद हुई थी घटना

गिरफ्तार मुख्य आरोपी सूरज गुप्ता हरिहरगंज का निवासी है, जो पेशे से वाहन चालक है। पुलिस पूछताछ में सूरज ने बताया कि घटना के दिन वह इनोवा कार में बैठकर सभा लुटेरों को चांडिल से रांची की तरफ ले जा रहा था। सूरज गुप्ता ने पुलिस को बताया कि तीन सितंबर को तीन बाइक पर सवार होकर गिरोह के सभी सदस्य जमशेदपुर पहुंचे थे।

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घटना के दिन ही बाइक को कर लिया गया था बरामद

वर्धमान ज्वेलर्स से पांच चेन की डकैती करने के बाद चार लोग चांडिल के काठजोड़ गांव के पास पहुंचे, जहां सूरज पहले से कार लेकर खड़ा था। डेढ़ घंटे के इंतजार के बाद चारों लुटेरे सूरज की कार में बैठकर रांची की दिशा में भाग गए। इसके बाद सभी अलग-अलग स्थानों की ओर चले गए। दोनों बाइकें चोरी की निकलीं एक रांची और दूसरी गढ़वा से।

साथ ही इन पर फर्जी नंबर प्लेट भी लगी थी। घटना के करीब तीन घंटे बाद ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने दो पल्सर बाइक काठजोड़ गांव स्थित एक तालाब से बरामद की। पुलिस की जांच से यह खुलासा हुआ है कि यह डकैती बिहार के धीरज मिश्रा गैंग ने अंजाम दी थी। यह गैंग आभूषण दुकानों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर लूटपाट करता है।

बिहार के आरा में तनिष्क आभूषण शोरूम से 25 करोड़ रुपए की डकैती करने के बाद यह गिरोह पूरे बिहार में खतरनाक माना जा रहा है। धीरज मिश्रा फिलवक्त फरार है, जबकि उसकी गिरफ्तारी के लिए बिहार पुलिस ने व्यापक तलाश अभियान शुरू कर रखा है। जमशेदपुर पुलिस ने भी उसके कई ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन फिलहाल सफलता नहीं मिली।गिरफ्तार अपराधियों ने पूछताछ में यह भी स्वीकार किया कि वर्धमान ज्वेलर्स की रेकी वे कई दिनों से कर रहे थे।

रेकी के दौरान उन्हें जानकारी मिली थी कि महीने की शुरुआत में इस दुकान में सोने की भरमार रहती है। इसी सूचना के आधार पर 3 सितंबर को योजना बनाकर घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस की दो टीमें फिलहाल बिहार के औरंगाबाद समेत आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी कर पूरी गिरोह की तलाश में जुटी हुई हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।

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