फतेह लाइव, रिपोर्टर।
झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर शहर में स्वर्गीय रामदास सोरेन की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर टेल्को थाना क्षेत्र के खड़ंगाझाड़ में स्वर्गीय रामदास सोरेन की प्रतिमा का अनावरण किया गया। प्रतिमा का अनावरण झारखंड सरकार के मंत्री दीपक बिरुआ ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता, कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
प्रतिमा अनावरण समारोह में घाटशिला विधायक सोमेश सोरेन, पोटका विधायक संजीव सरदार और ईचागढ़ विधायक सविता महतो समेत झामुमो के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्वर्गीय रामदास सोरेन की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनके संघर्ष, विचारों और झारखंड आंदोलन में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को याद किया गया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि रामदास सोरेन ने झारखंड के अधिकारों, पहचान और राज्य के हितों के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया। उनके योगदान को झारखंड आंदोलन के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए नेताओं ने कहा कि उनके विचार और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
झारखंड आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान : दीपक बिरुआ
मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि स्वर्गीय रामदास सोरेन झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे। उन्होंने अलग झारखंड राज्य के निर्माण और राज्य के हितों के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका पूरा जीवन समाज और झारखंड के अधिकारों के लिए संघर्ष को समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि रामदास सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर उनके संघर्ष और कार्यों को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया है।
विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे जनप्रतिनिधि
भौगोलिक दृष्टि से जमशेदपुर पूर्वी सिंहभूम जिले का प्रमुख शहर है और टेल्को क्षेत्र इसी शहरी क्षेत्र का हिस्सा है। कार्यक्रम में घाटशिला और पोटका विधानसभा क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही, जबकि ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र सरायकेला-खरसावां जिले में आता है। अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को व्यापक राजनीतिक और सामाजिक स्वरूप दिया।
प्रतिमा अनावरण के बाद स्थानीय लोगों और पार्टी समर्थकों ने भी रामदास सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे कार्यक्रम के दौरान उनके विचारों, संघर्ष और झारखंड आंदोलन में योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही।









































