सूचना आयोग के उद्देश्य पर उठेंगे सवाल : दिल बहादुर
फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर में आरटीआई कार्यकर्ता संघ केन्द्रीय समिति की एक बैठक पुराना कोर्ट परिसर के बाल मजदूर मुक्ति सेवा संस्थान में हुई. संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष दिलबहादुर की अध्यक्षता में संपन्न हुई. उन्होंने कहा कि आरटीआई कार्यकर्ता संघ की वर्षों की मांग एवं जन आन्दोलन तथा आरटीआई कार्यकर्ताओं द्वारा उच्च एवं सर्वोच्च न्यायालय ने दायर याचिका के कारण ही आज मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त लोकायुक्त की नियुक्ति करना सरकार का सराहनीय कदम है.
लेकिन विडंबना ये है कि झारखंड सरकार के द्वारा सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी निर्देशों की अवहेलना करते हुए राष्ट्रीय राजनीतिक दल और क्षेत्रीय दलों के द्वारा अपने राजनीतिक दल के प्रेस प्रवक्ता के नामों की नियुक्ति करने से सूचना आयोग के उद्देश्य पर प्रश्नचिन्ह खड़ा हो गया।
दिल बहादुर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का दिशा निर्देश के अनुरूप सूचना आयुक्त की नियुक्ति नहीं हुई है. सुप्रीम कोर्ट का दिशा निर्देश जारी था कि विभिन्न क्षेत्रों के ख्याति प्राप्त प्रतिष्ठित व्यक्तियों की नियुक्ति होनी चाहिए थी, लेकिन सरकार और विपक्ष की मिली भगत से ये सूचना आयुक्त के पद को आपस में बंदरबांट कर लिया गया है, जिससे आम जनता को न्याय नहीं मिल पाएगा।
उपरोक्त संबंध में राज्यपाल संतोष गंगवार को आवेदन देकर सूचना आयुक्त के पद को निरस्त करने की मांग की जाएगी और सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश के अनुसार आरटीआई एक्टिविस्ट समाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न समाजिक कार्यकर्ता, जो ख्याति प्राप्त सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्ति की मांग की जाएगी।
केन्द्रीय महासचिव कृतिवास मंडल ने कहा कि आरटीआई एक्टिविस्ट सूचना मांगने पर जान मारने की धमकी दी जाती है लेकिन प्रशासन आरटीआई एक्टिविस्ट को किसी भी कानूनी रूप से मदद नहीं करतीं हैं और धमकी देने वाले को बचाने का काम किया जा रहा है और आरटीआई एक्टिविस्ट की मनोबल को घटाने की काम किया जा रहा है।
इस संवाददाता सम्मेलन में मुख्य रूप से केन्द्रीय महासचिव कृतिवास मंडल, उपाध्यक्ष सदन कुमार ठाकुर, सुनील कुमार मुर्मू, सुनील प्रसाद, आर केसरी, रंजीत सिंह, दिनेश कुमार शर्मा, बबिता कुमारी, सुलोचना देवी, राजू बेसरा, लक्ष्मण किस्कू, कांग्रेस महतो, सुशेन गोप, चन्द्रशेखर रजक, अनन्त कुमार महतो, सुनील मुर्मू, घासी राम हांसदा, रेणू देवी, मोमिता मुखी एवं अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।



