फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

सिख पंथ के चारों साहिबजादों की शहीदी और गुरु गोबिंद सिंह महाराज के 359वें प्रकाशोत्सव को समर्पित प्रभात फेरी गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी, साकची के तत्वावधान में निकाली गई। मंगलवार को प्रभात फेरी ने सर्द सुबह और शीतलहरी की ठंड में भी संगत की आस्था और उत्साह को जागृत किया जो देखने लायक था।

मंगलवार को शुरू हुई यह फेरी तीन दिनों तक चलेगी, जिसमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी शामिल होकर गुरु महाराज की महिमा का गुणगान कर रहे हैं। प्रभात फेरी का उद्देश्य चारों साहिबजादों बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की वीर शहीदी को याद करना है, जिन्होंने धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया। साथ ही, यह गुरु गोबिंद सिंह महाराज के प्रकाशोत्सव को समर्पित है जो सिख इतिहास में साहस, त्याग और धार्मिक एकता के प्रतीक हैं। फेरी में कीर्तन और शबद गायन के माध्यम से गुरु की शिक्षाओं को जीवंत किया गया।

साकची गुरुद्वारा से शुरू हुई यह प्रभात फेरी साकची परिक्षेत्र के विभिन्न इलाकों में भ्रमण किया। यह गुरु नानक नगर, साकची, रिफ्यूजी कॉलोनी और न्यू काशीडीह जैसे क्षेत्रों से गुजरी जहाँ संगत के लिए जलपान की विशेष व्यवस्था की गई थी। प्रभात फेरी 25 दिसंबर तक जारी रहेगी जो साकची परिक्षेत्र के अलग-अलग मार्गों से गुजरते हुए भ्रमण करेगी।

साकची गुरुद्वारा के प्रधान निशान सिंह ने इस अवसर पर संगत को संबोधित करते हुए मजबूती से अपील की। निशान सिंह ने संगत से आह्वान किया है कि वे अपने घरों से बाहर निकलें और प्रभात फेरी में शामिल होकर इसे सफल बनाएं। सर्द भोर में महसूस करें कि किस तरह चारों साहिबजादों ने शहीदी देकर धर्म की रक्षा की थी।

प्रभात फेरी में मुख्य रूप से दलजीत सिंह, प्रीतपाल सिंह, बलबीर सिंह, हरविंदर सिंह, परमजीत सिंह काले, जसकरन सिंह जैसे प्रमुख सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। साथ ही, सुखमणि साहिब कीर्तनी जत्था की अध्यक्ष बीबी राज कौर, बीबी पिंकी कौर और बीबी सुरजीत कौर ने अपनी उपस्थिति से आयोजन को और अधिक सफल बनाया। इन सभी ने कीर्तन और संगत की सेवा में योगदान दिया जिससे फेरी का माहौल और अधिक भक्तिमय हो गया।

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