फतेह लाइव, रिपोर्टर.


जमशेदपुर में राज्य के मंत्री बन्ना गुप्ता का नाम अब तक जमीन घेरने वाले मामले में कुछ ही दिनों पहले आया है जब उन्होंने केडी फ्लैट का रास्ता बंद कर दबंगई से बड़ा कार्यालय बना दिया है.इस मामले में विरोध करने वाले भाजमो नेता संजीव आचार्य को भी मंत्री के समर्थकों ने घेर लिया था.मामला डीसी-एसएसपी के पास पहुंचा लेकिन हुआ क्या ढाक के तीन पात.बस सोशल मीडिया और लोकल में खबरें सुर्खियां बटोरती रही.न सरकारी अधिकारियों और न टाटा स्टील के कर्मचारियों ने इस मामले पर ठोस कार्रवाई की.फिलहाल देर से ही सही अब इस मामले में एक बार फिर से विधायक सरयू राय भी बोलते नजर आ रहे हैं.
तो क्या यह माना जा सकता है कि मंत्री समर्थक लोगों को भयाक्रांत कर रहे हैं.कल रात पत्रकार दुर्गेश के साथ हुई घटना इस बात का खुलासा करने के लिए काफी है कि मंत्री के नाम पर गुंडागर्दी हो रही है.मंत्री समर्थकों का नाम अक्सर विवादों में आता रहता है.
जिस तरह से दुर्गेश को बुरी तरह से बीच सड़क पर बेल्ट और डंडे से पिटा गया वह यह दर्शाता है कि मंत्री के नाम पर खुलेआम गुंडागर्दी की जा रही है.पीडि़त पत्रकार ने इस मामले में किसी सुनील गुप्ता का नाम बताया है जो मारपीट कर रहे थे और मंत्री के नाम का धौंस दिखा रहे थे.जाहिर सी बात है बीच सड़क पर किसी को मार-पीट कर रहे लोग अगर मंत्री के नाम की गर्जना करेंगे तो बीच-बचाव में भी कोई डर से नहीं आएगा.
फिलहाल घायल दुर्गेश का TMH में ईलाज चल रहा है.AISMJW ऐसोसिएशन के पदाधिकारी कल रात ही पत्रकार को अस्पताल में मिले और बेहतर ईलाज के साथ ही आरोपियों की भी गिरफ्तारी की मांग थाना जाकर की.हालांकि घटना को लेकर पत्रकारों का काफी रोष व्याप्त है.
इस बीच खबर मिली है कि पत्रकार दुर्गेश के खिलाफ भी काउंटर केस दर्ज कराने का दबाव बिष्टुपुर थाना प्रभारी पर बनाया जा रहा है.अगर इतनी गंभीर चोटें किसी विधायक,सांसद या मंत्री समर्थक को लग जाती तो अब तक पुलिस न जाने कितने लोगों को हाजत में बंद कर चुकी होती.यहां पत्रकार का मामला है और मंत्री जी के रसूख का भी सवाल है इसलिए पुलिस की भूमिका भी संदेहास्पद नजर आ रही है.पुलिस के पास भी अभी दो बहाने होंगे कि अभी जांच कर रहे हैं.दूसरा बहाना है कि मामला अज्ञात पर दर्ज किया गया है और सीसीटीवी फुटेज भी देखना होगा.
इधर पत्रकार भी गुटों में बंटे हुए हैं और उनकी गुटबाजी का भी एक कारण है कि पत्रकारों के मामले को देखें तो इतिहास गवाह है कि अक्सर मुसीबत में एक गुट मदद और एक गुट राजनीति करने से बाज नहीं आता.भला हो AISMJWA जैसे संगठन का जिसका मूल उद्देश्य है. सभी पत्रकारों को मदद करना चाहें वह पत्रकार उस संगठन से जुड़े हैं या नहीं. मंत्री बन्ना गुप्ता को इस सम्बन्ध में फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया.
थाना का करेंगे घेराव
मंत्री बन्ना गुप्ता के गुंडों का आतंक वीडियो और फोटो में देखिए।
स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के चचेरे भाई संजय गुप्ता ने दो पत्रकार भाइयों की ऐसी पिटाई की की दोनों को टीएमएच में भर्ती होना पड़ा। बिष्टुपुर थाना प्रभारी बन्ना गुप्ता के नाम से मुकदमा दर्ज नहीं कर रहे थे। देर रात भारी संख्या में परिवार के लोग पहुंचे, तब जाकर उन्होंने मुकदमा दर्ज किया। दोषियों की अगर गिरफ्तारी नहीं होगी तो बिष्टुपुर थाना का कर दूंगा हुड़का जाम।
विकास सिंह, भाजपा नेता।
पत्रकार पर हमला निंदनीय, गिरफ्तार हों आरोपी
कांग्रेस पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव फ़ज़ल खान ने पत्रकार दुर्गेश पर हमले की निंदा करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है.उन्होने कहा है कि खाऊ गली और उसके आस-पास में अक्सर अड्डाबाजी और ट्राफिक की समस्या बनी हुई है.अक्सर वहां गाड़ी लगाने और पार करने पर राहगीर बहस करते नजर आते हैं.कल रात पत्रकार दुर्गेश के साथ भी ऐसा ही हुआ है जिससे मामला मारपीट तक पहुंच गया. उन्होंने कहा कि बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में जहां ट्राफिक जाम और अड्डाबाजी अक्सर होती है वहां गश्ती के लिए टाईगर मोबाईल और सीसीआर के वाहनों को लगाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस को त्वरित कार्रवाई करने की जरूरत है ताकि पत्रकारों की सुरक्षा हो और वे लोकतंत्र को मजबूत बनाने में सहायक हों.पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और उन पर हमला निंदनीय है.