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Jamshedpur Truck Trailer Owners Association : बर्मामाइंस में लोकल ट्रेलर एसोसिएशन की पिटाई मामले में नया मोड़, अधिकृत यूनियन ने लगाए जयकिशोर सिंह पर गंभीर आरोप, जांच की मांग, देखें – Video

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फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

जमशेदपुर ट्रक ट्रेलर ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष जसबीर सिंह “शिरे” ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में ट्रांसपोर्टिंग और लोडिंग के नाम पर ब्लैकमेलिंग का एक बड़ा मामला सामने आया है. पिछले 3-4 वर्षों से एक कथित एसोसिएशन की आड़ में कंपनी और वेंडरों को परेशान किया जा रहा है. जमशेदपुर में 18 वेंडर हैं, जो टाटा स्टील के लिए काम करते हैं.

जानकारी के मुताबिक, हर महीने लगभग 150 गाड़ियां जमशेदपुर से लिफ्टिंग का काम कर चार लाख टन माल की लोडिंग-अनलोडिंग करती हैं, जिस पर प्रति टन 10 रुपये की अवैध लेवी (रंगदारी) मांगी जा रही है. इस पूरे विवाद के केंद्र में जय किशोर सिंह नामक व्यक्ति का नाम सामने आ रहा है, जो बिना किसी वैधानिक रजिस्ट्रेशन के कथित एसोसिएशन चला रहा है.

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उन्होंने बर्मामाइंस में हुए विवाद पर पुलिस से पुख्ता जांच की मांग की है, कि आखिर जिस व्यक्ति की न कोई गाड़ी है न कोई स्टॉफ है, वह किस उद्देश्य से बिना निबंधन की यूनियन चला रहा है. उन लोगों के खिलाफ एक साल में चार बार फर्जी केस कर चुका है. जय किशोर सिंह ने मारपीट की बात कही. उसके सिर में स्टिच लगे रहने चाहिए थे, जो अगले दिन गायब थे.

बेटे के लिए नौकरी और 4 लाख के खर्च का दबाव

एसोसिएशन की ओर से बर्मामाइंस पुलिस को सौंपी शिकायत के अनुसार, आरोपी केवल लेवी ही नहीं मांग रहा, बल्कि कंपनी पर अपने बेटे को नौकरी देने और चार लाख रुपये के निजी खर्च का भुगतान करने का भी दबाव बना रहा है. बताया जा रहा है कि कंपनी में ओपन टेंडर के माध्यम से न्यूनतम दर (लो रेट) पर काम मिलता है, लेकिन आरोपी प्रक्रिया को बाधित कर अपने माध्यम से काम कराने की जिद पर अड़ा है. वेंडरों की कुछ आंतरिक कमियों का फायदा उठाकर पिछले कई सालों से यह ब्लैकमेलिंग की जा रही है.

बॉडी जांच के नाम पर भी वसूली

एसोसिएशन के अनुसार विवाद का एक पहलू यह भी है कि टाटा स्टील के निर्देश पर हर माह ट्रांसपोर्टर अपने कर्मचारियों की हर माह शारीरिक जांच करते हैं, जिसका भुगतान कर्मचारियों को नहीं करना पड़ता है. वाहन मालिक करते हैं. इस पर आरोप लगाया जाता है कि बॉडी जांच के नाम पर 100 रुपये वसूले जा रहे हैं और खून बेचा जा रहा है.

उनका उद्देश्य केवल अपना वर्चस्व कायम करना है. इस स्थिति से परेशान ट्रांसपोर्टरों और कंपनी प्रबंधन ने अब कानूनी रुख अपनाने और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग करने का मन बना लिया है. संवाददाता सम्मेलन में महासचिव मनीष सिंह, बिपिन झा, विजेंद्र कुमार, अजीत सिंह, रमेश सिंह, अमरजीत भाटिया, विनोद राय, एके मंडल, बीएन लाल, गौतम कुमार समेत अन्य काफी पदाधिकारी उपस्थित थे.

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