फतेह लाइव, रिपोर्टर
सूर्य उपासना का महा पर्व चैती छठ का खरना बुधवार को संपन्न हुआ. इस त्योहार में खरना के दिन छठ व्रती गुड और चीनी से बने खीर का सेवन करते हैं. इसके बाद 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू होता है जो उगते हुए सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ ही समाप्त होता है. 3 अप्रैल दिन गुरुवार को व्रती अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य देंगे तथा 4 अप्रैल को उदयाचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य के साथ ही आस्था का महापर्व छठ का समापन होगा. छठ पर्व के मद्देनजर सभी छठ घाटों की साफ-सफाई जिला प्रशासन द्वारा कराई गई है. साथ ही यह भी ख्याल रखा जा रहा है कि किसी भी छठ व्रतधारी को किसी प्रकार की परेशानी न हो. इसके लिए पुलिस प्रशासन पुरी तरह से मुस्तैद है.
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