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Patna Saheb : तख्त श्री हरमंदिर जी कमेटी के चुनाव का मार्ग प्रशस्त, पटना हाई कोर्ट का आदेश

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15 को होगी बैठक डीसी, एसएसपी के साथ होगी बैठक

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

गुरु गोविंद सिंह जी की जन्मस्थली तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब प्रबंधन कमेटी के चुनाव का मार्ग प्रशस्त हो गया है। पटना हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी पक्षों को बैठकर इस मामले का हल करने का आदेश जारी किया है। 15 सितंबर को बैठक होगी और उस बैठक में पटना के जिला मजिस्ट्रेट, वरीय पुलिस अधीक्षक, एसडीओ, बिहार राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सचिव शामिल होंगे।

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उस बैठक में ही चुनाव की प्रक्रिया तथा तिथि तय करने को अंतिम रूप दिया जाएगा। इधर इस फैसले से महासचिव सरदार इंद्रजीत सिंह को बड़ी राहत मिली है। प्रधान जगजोत सिंह सोही, पूर्व महासचिव महेंद्र पाल सिंह ढिल्लन, उपाध्यक्ष गुरविंदर सिंह को भारी झटका लगा है। सरदार जगजोत सिंह सोही गुट येन केन प्रकारेण महासचिव इंद्रजीत सिंह को कमेटी से बाहर का रास्ता दिखाने के लिए जुटा हुआ था और आपातकालीन बैठक बुलाने का दबाव बना रखा था।

पिछले वर्ष 17 जुलाई को ही कमेटी का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और चुनाव प्रक्रिया पिछले साल जनवरी माह से शुरू हो गई थी।
लेकिन दक्षिण बिहार निर्वाचन क्षेत्र संख्या तीन को लेकर पूर्व महासचिव सरदार महेंद्र पाल सिंह उर्फ महेंद्र पाल सिंह ढिल्लन कानूनी दांव पर दांव चलने लगे। महेंद्र पाल सिंह और जगजोत सिंह सोही की पूरी कोशिश रही कि निर्वाचन क्षेत्र का परिसीमन कर किसी तरह से सरदार इंद्रजीत सिंह को हासिये पर डाल दिया जाए। यदि परिसीमन करने में संविधान आड़े आता है तो दक्षिण बिहार अर्थात झारखंड से ही इंद्रजीत सिंह का विकल्प खड़ा कर दिया जाए। इसमें जमशेदपुर से उन्हें पूरी मदद इंद्रजीत सिंह के विरोधी छद्म रूप से कर रहे हैं।

18 जुलाई 2023 को महेंद्र पाल सिंह पटना हाई कोर्ट की शरण में गए और वरीय अधिवक्ता आलोक कुमार राही द्वारा दायर याचिका सीडब्लूजेसी 10393/2023 गत वर्ष 25 जुलाई को स्वीकार कर ली गई। इसमें महासचिव सरदार इंद्रजीत सिंह, बिहार राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव एवं सलाहकार को प्रतिवादी बनाया गया।

सरदार इंद्रजीत सिंह का पक्ष वरीय अधिवक्ता मुकेश कुमार ठाकुर एवं उनकी टीम ने रखा। प्रतिवादी पक्ष से अधिवक्ता विंध्याचल राय, अधिवक्ता शुभम सौरव, अधिवक्ता तनवीर अहमद, अधिवक्ता संजय सिंह, अधिवक्ता मोहम्मद फैसल करीम ने भी पक्ष रखा।
सभी पक्षों को सुनने के बाद पटना हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति न्यायाधीश राजीव राय के न्यायालय ने मंगलवार को आदेश जारी किया कि 15 सितंबर को बैठक होगी और उस बैठक में सभी पक्ष उपस्थित होंगे तथा जिला मजिस्ट्रेट, वरीय पुलिस अधीक्षक एसडीओ तथा अन्य शामिल होंगे और चुनाव की प्रक्रिया तथा तिथि तय कर दी जाए।

इसके साथ ही सुनवाई के लिए अगली तिथि भी मुकर्रर कर दी गई है। इस फैसले पर राष्ट्रीय सनातन सिख सभा के राष्ट्रीय संयोजक कुलविंदर सिंह ने स्वागत करते हुए न्यायालय को धन्यवाद दिया है। उनके अनुसार न्याय की जीत हुई है और उत्तर प्रदेश, बिहार – झारखंड, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, पंजाब के सिख संगत का न्यायपालिका के प्रति भरोसा बढ़ा है। तख्त में चुनाव को लंबे समय तक टालकर स्वार्थ सिद्ध करने का पुराना इतिहास रहा है और इसकी पुनरावृत्ति को न्यायालय ने रोक दिया है।

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