फतेह लाइव, रिपोर्टर.


तख़्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब, जो सिखों के दसवें गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की जन्मस्थली है, में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी जिसने सिख समाज में आक्रोश पैदा कर दिया है। यह घटना तब हुई जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा अपने बिहार दौरे के दौरान गुरुद्वारे पहुंचे। उनके साथ बिहार के अन्य वरिष्ठ भाजपा नेता और भारी भीड़ मौजूद थी।
जानकारी के अनुसार जब जेपी नड्डा और अन्य नेता मत्था टेकने पहुंचे, तो उनके साथ गुरुद्वारे में मीडिया और अन्य लोग भी दरबार साहिब के भीतर घुस गए। उस समय गुरुद्वारे में कीर्तन चल रहा था। भारी भीड़ के कारण कीर्तन करने वाले कीर्तनियों को बाधा का सामना करना पड़ा, जिससे उन्हें कीर्तन बंद करना पड़ा। कीर्तन करने वाले ने भीड़ को पीछे हटने के लिए कहा, लेकिन तब तक माहौल पूरी तरह से बदल चुका था। इससे सिख संगत में भारी आक्रोश फैल गया।
इस घटना पर सबसे अधिक नाराज़गी तख़्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब के प्रबंधक समिति के मौजूदा प्रधान जगजीत सिंह सोही के प्रति देखने को मिली है। संगत का आरोप है कि प्रधान और उनके सहयोगी स्टाफ ने इस गंभीर घटना पर कोई पहले से कदम नहीं उठाया और धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन होते हुए भी उसे नजर अंदाज किया। यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि प्रधान जगजीत सिंह सोही नेतागण की उपासना में अधिक ध्यान देते हैं और गुरुद्वारे में मर्यादा के पालन पर उचित ध्यान नहीं देते हैं।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे दिल्ली के एक प्रसिद्ध धार्मिक यूट्यूबर हरमीत सिंह ने अपलोड किया है। वीडियो में बेअदबी की घटना को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जिससे सिख समाज में भारी आक्रोश है।
सिख संगत ने इस घटना की निंदा की है और गुरुद्वारे की मर्यादा को बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है। यह भी मांग की गई है कि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
बहरहाल, अब इस पूरे घटनाक्रम में समाज के ठेकेदारों पर उंगली उठनी शुरु हो गई है कि आखिर उनपर कौन लगाम लगाएगा. अपनी पहुंच बनाने के लिए लगातार गुरु घर में धार्मिक मामलों का उल्लंघन होता है और ठेकेदार सिर्फ नेताओं की चापलूसी और खुद के गले में शॉल, सरोपा लेने में लीन हैं. पटना साहेब की घटना को दबाने के लिए भी पूरी कोशिश की जा रही है, लेकिन इन सब से क्या दोबारा ऐसी घटना नहीं होगी? यह बातें संगत कर रही हैं.
वहीं, दूसरी ओर जब यह वाक्य पटना साहेब में हुआ तब कमेटी के महासचिव इंद्रजीत सिंह जमशेदपुर में थे. उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए तख्त साहेब के अधीक्षक को सख्त होने, घटना के दोषियों पर बनती कार्रवाई बनाने की रिपोर्टर देने को कहा है. जबकि अध्यक्ष ने मामले में खुद को बचाने के लिए एक नोटिस जारी किया है कि आगे से प्रेस को तख्त साहेब के फोटो कमेटी उपलब्ध कराएगी और किसी भी प्रेस को अंदर जाने की इजाजत नहीं रहेगी.