फतेह लाइव, रिपोर्टर.

पोटका में एक बड़े लापरवाही का मामला सामने आया है. इस मामले में तत्कालीन पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की उदासीनता के कारण लाखों रुपए का नहीं हो पाया उपयोग. वहीं पोटका के विभिन्न गांव के ग्राम सभा को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा शिक्षा एवं जागरूकता के प्रचार प्रसार को लेकर विभिन्न गांव के ग्राम सभा को यह पैसा भेजा गया था. मगर इन पैसे का उपयोग नहीं होने के कारण पिछले 10 साल से या उससे अधिक समय से बैंक खाते में लाखों रुपए पड़े हुए हैं. इस मामले का खुलासा तब हुआ जब झारखंड ग्रामीण बैंक के नोडल अफसर द्वारा पोटका बीडीओ को पत्र के माध्यम से एक सूचना दी गई जिसके तहत झारखंड ग्रामीण बैंक हल्दीपोखर में 70 बैंक खातों में जिसमें दस हजार से ज्यादा पैसे जमा है ऐसे बैंक खातों में लगभग 20 लाख रुपए पड़े हुए हैं साथ ही साथ झारखंड ग्रामीण बैंक कोवाली शाखा में 25 बैंक खातों में 10 लाख रुपए पिछले 10 साल से पड़े हुए हैं. कुल मिलाकर दोनों बैंकों में लगभग 30 लाख रुपए पिछले 10 साल से पड़े हैं.

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ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रचार प्रसार के लिए आया था पैसा

इन पैसे का उपयोग नहीं होने पर आरबीआई के गाइडलाइन के अनुसार लंबे समय से बैंक खाते में पड़े पैसे का ट्रांजेक्शन नहीं होने पर आरबीआई को पैसा सरेंडर कर दिया जाता है. इस मामले को लेकर पोटका बीडीओ अभय कुमार द्विवेदी की सजगता के कारण सबसे पहले बीडीओ द्वारा दोनों बैंक शाखाओं में पत्र के माध्यम से इन बैंक खताओं में पड़े लगभग 30 लाख रुपए को होल्ड करने का निर्देश दिया है साथ ही बीडीओ अभय कुमार द्विवेदी ने कहा कि पिछले 10 साल से इन 95 बैंक खातों में लगभग 30 लाख रुपए जमा है इन पैसे का प्रयोग शिक्षा एवं जागरूकता के प्रचार प्रसार के लिए आया था. मगर इन पैसे का उपयोग नहीं हो पाया. वहीं उन्होंने कहा कि मैं इस पैसे के उपयोग के लिए तत्काल जिला के उपयुक्त को पत्र के माध्यम से सूचित करते हुए दिशा निर्देश की मांग करूंगा. इस दौरान झारखंड ग्रामीण बैंक के नोडल अफसर श्रीधर पाठक, शाखा प्रबंधक विशाल कुमार उपस्थित रहे.

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